आरोपी ने बच्ची के साथ पहले रेप किया, फिर बोरी में पैक कर उसे श्मशान घाट के पास फेंक दिया था।
प्राइवेट पार्ट पर 50 टांके…4 सर्जरियां और रात में चीखकर उठ बैठती 13 साल की मासूम। जालंधर में श्मशान घाट के पास बोरी में खून से लथपथ मिली बच्ची की चोटों को डॉक्टरों ने इलाज कर ठीक किया, लेकिन उसके मन पर लगा जख्म आज भी नहीं भरा है।
.
घटना के बाद बच्ची ने बताया था कि राजेश अंकल ने उसे पपीता देने का बहाना बनाकर बाइक पर बैठाया और सुनसान जगह ले गए। वहां उसके साथ गलत काम (रेप) किया और बाद में उसे बोरी में भरकर श्मशान घाट के पास फेंक दिया। यही कारण है कि बच्ची पपीते का नाम सुनते ही आज भी डर से कांपने लगती है।
आरोपी के फरार होने और जिला कोर्ट से अंतिम मुआवजा नहीं मिलने के बाद पीड़ित परिवार अब न्याय की आखिरी आस लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा है।
मामले की पैरवी कर रहीं एडवोकेट सिमरन कौर ने कहा कि बच्ची फिलहाल 7वीं कक्षा में पढ़ रही है और अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

6 पॉइंट में जानिए पूरा मामला…
- राहगीर ने बताया खून से लथपथ बच्ची पड़ी: यह मामला जालंधर जिले से जुड़ा है। 16 फरवरी 2022 को दोपहर करीब 1 बजे पीड़िता के नाना खेतों काम कर रहे थे। इसी दौरान एक राहगीर ने उन्हें बताया कि गांव के श्मशान घाट के पास एक बच्ची खून से लथपथ हालत में बोरी में पड़ी है । सूचना मिलते ही नाना नानी मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी बच्चे को गंभीर हालत में देखा।
- पपीता के बहाने ले गया, गलत काम किया: जब नाना नानी श्मशान घाट पर पहुंचे तो बच्ची वहां पर बोरी में पड़ी हुई थी। खून से सनी हुई और डरी हई थी। इस दौरान उसने पूछने पर बताया राजेश अंकल ने उसे पपीता देने का बहाना बनाकर बाइक पर बैठाया और सुनसान जगह ले गए। वहां आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया और बाद में उसे बोरी में भरकर बाइक से श्मशान घाट के पास फेंककर फरार हो गया।प्राइवेट पार्ट पर 50 टांके लगाने पड़े: इसके बाद बच्ची की हालत को देखते हुए परिवार बच्ची को तुरंत सिविल अस्पताल करतारपुर ले गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल जालंधर रेफर कर दिया। इस दौरान बच्ची की हालत इतनी खराब थी कि उसे प्राइवेट पार्ट पर 50 टांके लगे। मेडिकल जांच में बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटें और ज्यादा रक्तस्राव की बात सामने आई।
- वारदात के बाद तुरंत झारखंड भागा आरोपी: पुलिस ने राजेश की तलाश शुरू की, लेकिन वह वारदात के बाद तुरंत झारखंड चला गया था। साथ ही अपना फोन भी बंद कर दिया था। वह अपने एक रिश्तेदार का फोन प्रयोग कर रहा था। जब पुलिस उसे ट्रेस करती रही थी तो पता चला कि वह रिश्तेदार का फोन प्रयोग कर रहा था। पुलिस झारखंड भी गई, लेकिन वह नहीं मिला।
- 56 दिन में चालान पेश किया: पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। आखिरकार 23 सितंबर 2022 को JMIC जालंधर की अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया। इससे पहले 12 मार्च 2022 को विशेष POCSO कोर्ट ने बच्ची के इलाज और तत्काल जरूरतों के लिए 1.75 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया था। आरोपी के फरार रहने के कारण 6 नवंबर 2023 को अदालत ने मामले की आपराधिक कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया।
- बच्ची को अंतिम मुआवजा देने की अर्जी भी खारिज: 19 जनवरी 2024 को एडिशनल सेशन जज, जालंधर ने बच्ची को अंतिम मुआवजा देने की अर्जी भी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अंतिम मुआवजा मामले की सुनवाई पूरी होने और आरोपी के दोषी या बरी होने के बाद ही दिया जा सकता है। लेकिन आरोपी की पहचान हो चुकी है और वह केवल फरार है, इसलिए उस समय अंतिम मुआवजा देने का आधार नहीं बनता था।
***************
ये खबर भी पढ़ें:
सुखबीर बादल की छाती में कृपाण घोंप करनी थी हत्या: पूर्व डिप्टी CM हाथ आगे कर बचे, 8 टांके लगे; नांदेड़ SP बोले- पंजाब में नशे का गुस्सा था

महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में निहंग ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला किया। हालांकि, हमलावर निहंग को उसी समय दबोच लिया। अब तक की पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि हमलावर निहंग जसपाल सिंह सुखबीर की छाती पर हमला कर हत्या करने वाला था। (पढ़ें पूरी खबर)
