Jamui Viral Video Case | SP Vishwajit Dayal Action Against Social Media


नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के वायरल वीडियो मामले में जमुई पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने सोमवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडिय

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एसपी ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना और उससे संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर अपराध है। पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वाले अकाउंट और प्रोफाइल की भी जांच कर रही है।

‘पीड़िता की पहचान उजागर करना संगीन अपराध’

एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि जमुई में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी सामने आई।

उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को उसकी पहचान के साथ वायरल करना पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अपराध है। इसी को लेकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसपी के अनुसार अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो प्रसारित करने वाले करीब 120 प्रोफाइल धारकों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है। पुलिस इन सभी प्रोफाइल और उनसे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

वीडियो दिखाने लायक नहीं, इसलिए ब्लर किया गया है

लड़की को जबरदस्ती गोद में उठाते हुए आरोपी लड़के।

लड़की को जबरदस्ती गोद में उठाते हुए आरोपी लड़के।

लड़के-लड़की को लड़कों ने घेरा, बदतमीजी की।

लड़के-लड़की को लड़कों ने घेरा, बदतमीजी की।

इस दौरान लड़की हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती हुई नजर आई।

इस दौरान लड़की हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती हुई नजर आई।

आरोपी लड़कों ने छात्रा और उसके दोस्त को घसीटा।

आरोपी लड़कों ने छात्रा और उसके दोस्त को घसीटा।

वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मूल वीडियो बनाने या उसे पहली बार सोशल मीडिया पर डालने वालों तक सीमित नहीं है। वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल से शेयर और प्रसारित करने वालों की भी पहचान की जा रही है।

एसपी ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़िता से जुड़े किसी भी वीडियो को डाउनलोड कर आगे शेयर या वायरल नहीं करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो को प्रसारित करने से पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होती है और यह स्वयं एक गंभीर अपराध बन जाता है।

पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि अगर किसी के पास ऐसा वीडियो पहुंचता है तो उसे आगे फॉरवर्ड करने के बजाय पुलिस को इसकी सूचना दें।

मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस

एसपी ने कहा कि पुलिस पूरे मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई कर रही है। घटना में शामिल आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्य आरोपी को जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

पुलिस घटना से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। इसके आधार पर आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

पीड़िता की पहचान साझा न करने की अपील

एसपी ने आम लोगों से विशेष रूप से अपील की कि नाबालिग पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक न करें। उन्होंने कहा कि पीड़िता की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के वायरल होने के बाद लोग बिना उसकी सत्यता या कानूनी स्थिति जाने उसे आगे शेयर कर देते हैं। इस मामले में ऐसा करना संबंधित व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला सकता है।

पुलिस का कहना है कि घटना की जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।



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