महासमुंद| महासमुंद में किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव दिव्येश चंद्राकर ने E-20 पेट्रोल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि E-20 क्या लोगों के वाहनों को कबाड़ बनाने के लिए लाया गया है। वाहन मालिकों में चिंता बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि E-20 से माइल
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वाहनों के पार्ट्स खराब हो रहे हैं। चंद्राकर ने कहा कि सरकार के अपने दस्तावेजों में भी माना गया है कि E-20 के कारण E-10 के लिए डिजाइन किए गए कुछ वाहनों की ईंधन दक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पूछा कि पुराने वाहनों का माइलेज घटा तो अतिरिक्त पेट्रोल का खर्च कौन उठाएगा। आर्थिक बोझ वाहन मालिक क्यों उठाए।
उन्होंने सवाल किया कि E-10 के अनुरूप वाहन खरीदने वाले व्यक्ति को बिना सहमति E-20 व्यवस्था क्यों स्वीकार करनी पड़े। उन्होंने पूछा कि पेट्रोल पंप पर यह बताना अनिवार्य क्यों नहीं कि उपभोक्ता E-20 खरीद रहा है। कम-एथेनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं दिया जा रहा।
