लुधियाना की सेंट्रल और ब्रोस्टल जेल में नशा सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दोनों जेलों में एक ही दिन हुई चेकिंग के दौरान नशीले पदार्थों की दो बड़ी बरामदगी सामने आई हैं। सेंट्रल जेल में 170 ग्राम हेरोइन समेत अन्य नशीला पदार्थ मिला, जबकि ब्रोस्टल जेल
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दोनों मामलों में जेल के अंदर नशा पहुंचाने की कड़ी सामने आई है और पेस्को कर्मचारियों पर भी आरोप लगे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 6 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें 2 पेस्को कर्मचारी है जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।
सेंट्रल जेल में 170 ग्राम हेरोइन बरामद
सेंट्रल जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट जसविंदर सिंह की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-7 पुलिस ने केस दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक 3 अक्टूबर को जेल में चेकिंग के दौरान 170 ग्राम हेरोइन, 16 ग्राम जर्दा और 12.5 ग्राम चिट्टे रंग का नशीला पदार्थ बरामद हुआ।
जांच में आरोप है कि यह नशीला पदार्थ पेस्को कर्मचारी प्रीतपाल सिंह जेल के अंदर लेकर आया था। आरोप है कि वह अपनी ड्यूटी के दौरान जेल में नशे की सप्लाई करता था।
पुलिस के अनुसार प्रीतपाल सिंह निवासी गांव शेखपुर खुडाल, जिला मानसा का रहने वाला है और वर्तमान में केंद्रीय जेल लुधियाना में रहकर ड्यूटी करता था।
पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS Act की धारा 21, 22, 61/85 और Punjab Prisons & Correctional Services Act की धारा 42(1), 48(1) व 48(3) के तहत केस दर्ज किया है।

लुधियाना केन्द्रीय जेल।
ब्रोस्टल जेल में बंदी से 30 नशीले कैप्सूल मिले
इसी दिन ब्रोस्टल जेल में भी चेकिंग के दौरान बंदी मनदीप सिंह से 30 लाल रंग के नशीले कैप्सूल बरामद हुए। ब्रोस्टल जेल के हेड वार्डर हरजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पूछताछ में मनदीप सिंह ने बताया कि ये कैप्सूल उसे हवालाती टुन्ना कुमार ने लाकर दिए थे। इसके बाद आरोप सामने आया कि जेल के अंदर इन कैप्सूल की सप्लाई पेस्को कर्मचारी मोहम्मद अरबाज करता था।
ब्रोस्टल केस में 5 आरोपी सहित पेस्को कर्मचारी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में बंदी मनदीप सिंह, हवालाती टुन्ना कुमार, कैदी सिमरन सिंह, हवालाती सुरजीत कुमार और पेस्को कर्मचारी मोहम्मद अरबाज को आरोपी बनाया है। इनमें मोहम्मद अरबाज को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार मनदीप सिंह निवासी ढिल्लो नगर, लुधियाना, टुन्ना कुमार निवासी दीप नगर, शेरपुर कलां, सिमरन सिंह निवासी विकास नगर, शहीद भगत सिंह नगर, सुरजीत कुमार निवासी वाल्मीकि कॉलोनी, मंडी मुल्लांपुर और मोहम्मद अरबाज निवासी गांव बागड़ियां, जिला मलेरकोटला है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 21, 61/85 और Punjab Prisons & Correctional Services Act की धारा 42(1) व 48(3) के तहत केस दर्ज किया है।
दोनों मामलों में जेल के अंदर सप्लाई की कड़ी खंगाल रही पुलिस
दोनों मामलों में बरामदगी 3 अक्टूबर की चेकिंग के दौरान हुई। सेंट्रल जेल के मामले में पेस्को कर्मचारी पर सीधे नशीला पदार्थ जेल के अंदर लाने और सप्लाई करने का आरोप है, जबकि ब्रोस्टल जेल के मामले में भी पेस्को कर्मचारी की कथित भूमिका सामने आई है।
अब पुलिस दोनों मामलों में यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर नशीले पदार्थ किसे पहुंचाए जाने थे, इनकी सप्लाई के पीछे कौन लोग हैं और क्या दोनों मामलों के बीच कोई कनेक्शन है।
जेल प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। थाना डिविजन नंबर 7 की पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पेस्को कर्मचारी का जेल में क्या होता काम पढ़िए
पेस्को कर्मचारी आमतौर पर Punjab Ex-Servicemen Corporation (PESCO) के जरिए तैनात किए गए पूर्व सैनिक/सुरक्षा कर्मचारी समझे जाते हैं। जेलों में इनकी तैनाती मुख्यतः सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए होती है।
जेल में इनके प्रमुख काम यह हो सकते
-जेल के गेट और प्रवेश-निकास की सुरक्षा करना।
-आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की चेकिंग करना।
-जेल परिसर में सुरक्षा निगरानी रखना।
-बंदियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा ड्यूटी करना।
-जेल के संवेदनशील हिस्सों में गार्ड/पहरे की ड्यूटी करना।
-जेल में प्रतिबंधित सामान या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर उच्च अधिकारियों को सूचना देना।
-जरूरत पड़ने पर जेल प्रशासन और पुलिस के साथ सुरक्षा संबंधी कार्रवाई में सहयोग करना।
