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मंदसौर में NEET पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
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गांधी चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
गांधी चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक निकाली रैली कार्यकर्ताओं ने गांधी चौराहे पर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर देशभर के छात्र-युवा चिंतित हैं।
छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का किया विरो संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में रखीं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से
- छात्र आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता।
- संसद में पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा।
- आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं।
- शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध एवं कठोर कार्रवाई।
- छात्राओं के साथ कथित अभद्रता और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच।
- NEET UG, JEE Main सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना।
- सभी सरकारी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं का शुल्क समाप्त करना।
- महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र गृह जिले तथा पुरुष अभ्यर्थियों के केंद्र गृह या निकटवर्ती जिले में निर्धारित करना।
- पेपर लीक और भर्ती घोटालों के दोषियों को कड़ी सजा देना।
- सभी विभागों में रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती और राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करना तथा जिन परीक्षाओं में स्कोर कार्ड जारी नहीं होते, उनमें प्रत्येक अभ्यर्थी के अंक सार्वजनिक करना।
‘शिक्षा और रोजगार युवाओं का अधिकार’ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और न्याय प्रत्येक युवा का संवैधानिक अधिकार है। उनका कहना था कि इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई होने से युवाओं का परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होगा।
प्रदर्शन में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
