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Matru Navami 2026 | Shradh Vidhi, pitru paksha 2026


2 घंटे पहले

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आज (4 अक्टूबर) पितृ पक्ष की नवमी तिथि है, इसे मातृ नवमी कहा जाता है। यह दिन घर-परिवार की उन दिवंगत महिलाओं को याद करने और उनके लिए श्राद्ध करने के लिए विशेष माना जाता है, जिनकी मृत्यु के समय वे सुहागिन थीं। इसके साथ ही जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि नवमी हो, उनके लिए भी आज ही श्राद्ध कर्म करना चाहिए।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, पितृ पक्ष में श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन धार्मिक कार्यों से पितरों को तृप्ति मिलती है और उन्हें पितृ लोक में रहने के लिए शक्ति मिलती है। मातृ नवमी पर उन मृत सुहागिन महिलाओं के लिए भी श्राद्ध किया जा सकता है, जिनकी मृत्यु की सही तिथि परिवार को पता नहीं है।

  • दोपहर में करें श्राद्ध कर्म

पितरों से जुड़े श्राद्ध कर्म करने के लिए दोपहर का समय (कुतुप काल) श्रेष्ठ माना जाता है। इसलिए मातृ नवमी पर करीब दोपहर 12 बजे श्राद्ध, तर्पण और अन्य धार्मिक कार्य करना चाहिए।

सबसे पहले घर के मंदिर में अपने इष्टदेव की पूजा करें। इसके बाद पितरों के लिए सात्विक भोजन तैयार करें। भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल न करें।

पितरों से जुड़े धार्मिक कार्यों में तांबे के बर्तनों का उपयोग करना शुभ माना जाता है। धूप देने के बाद हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से पितरों को जल अर्पित करें।

  • गाय, कौए और कुत्ते को खिलाएं भोजन

श्राद्ध के बाद घर के बाहर गाय, कौए और कुत्ते के लिए भोजन जरूर रखें। इसे पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने की परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

  • सुहाग का सामान करें दान

मातृ नवमी पर किसी जरूरतमंद महिला को सुहाग की सामग्री दान करना भी शुभ माना जाता है। इसमें चूड़ियां, साड़ी, कुमकुम और बिंदिया जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं।

अब जानिए धूप-ध्यान करने के लिए जरूरी चीजें और धूप-ध्यान करने की विधि…

जरूरी चीजें- गाय के गोबर से बने कंडे, धूप देने के लिए हवन कुंड या अन्य कोई बर्तन, घी, काले तिल, चावल, गुड़, कर्पूर, जल से भरा तांबे का लोटा, फूल, बैठने के लिए आसन। अगर ये सभी चीजें उपलब्ध न हो, तो जल, तिल, कंडे के अंगारे और गुड़-घी से भी श्रद्धापूर्वक पितरों का स्मरण करके धूप-ध्यान किया जा सकता है। आप चाहें तो खीर-पुड़ी भी बना सकते हैं। खीर-पुड़ी से भी धूप दिया जाता है।

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