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विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस सभागार में प्रबंध मंडल (बॉम) की एक बेहद अहम बैठक हुई।
उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए गुरुवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस सभागार में प्रबंध मंडल (बॉम) की एक बेहद अहम बैठक हुई। कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा की अध्यक्षता में हुई इस
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यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बताया कि इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला बजट को लेकर हुआ। बॉम ने इस सत्र के लिए विश्वविद्यालय का 155 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट पास कर दिया है। इस बजट से यूनिवर्सिटी में नए विकास कार्यों और छात्र सुविधाओं को विस्तार मिलेगा।
कर्मचारियों को राहत: किसी भी SFAB कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी, सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। समय पर प्रमोशन:शिक्षकों के करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के मामले अब पेंडिंग नहीं रहेंगे, समय पर लाभ मिलेगा। कमाई बढ़ाने का नया आइडिया: यूनिवर्सिटी की इनकम बढ़ाने के लिए स्टूडेंट्स से मांगे जाएंगे सुझाव, होगी प्रतियोगिता।
SFAB कर्मचारियों के वेतन और नौकरी पर संशय खत्म बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा सेल्फ फाइनेंस एडवाइजरी बोर्ड (SFAB) के कर्मचारियों के वेतन और नौकरी को लेकर चल रहे विवाद पर हुई। बॉम ने इस गतिरोध को खत्म करते हुए कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया।
बैठक में तय किया गया कि इन सभी कर्मचारियों की सेवाएं बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेंगी। कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल किसी भी SFAB कर्मचारी की नौकरी प्रभावित नहीं होगी।
नियमित करने के लिए बनेगी कमेटी इन कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन एक विशेष कमेटी का गठन करेगा। यह कमेटी आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगेगी। सरकार से हरी झंडी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिक्षकों के प्रमोशन समय पर करने के निर्देश बैठक में मौजूद राज्यपाल के प्रतिनिधि ग्यारसी लाल जाट और वित्त विभाग के प्रतिनिधि सीआर देवासी ने शिक्षकों के हक में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रमोशन (CAS) से जुड़े मामलों को बेवजह पेंडिंग न रखा जाए। जिस शिक्षक का जो भी लाभ बनता है, उसे समय पर दिया जाना चाहिए ताकि वे बिना किसी तनाव के पढ़ा सकें।
यूनिवर्सिटी की कमाई बढ़ाने के लिए छात्र देंगे आइडिया वित्त विभाग के प्रतिनिधि सीआर देवासी ने यूनिवर्सिटी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बेहतरीन सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को अपने राजस्व (कमाई) के स्रोत बढ़ाने की जरूरत है।
इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच एक प्रतियोगिता आयोजित की जाए। इस प्रतियोगिता के जरिए छात्रों से कमाई बढ़ाने के नए और इनोवेटिव आइडिया मांगे जाएं। इससे छात्रों की भागीदारी भी बढ़ेगी और यूनिवर्सिटी को नए रास्ते भी मिलेंगे।
