नई दिल्ली8 मिनट पहले
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुए दो दिन के चिंतन शिविर में मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज और योजनाओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने मंत्रियों से योजनाओं की स्थिति, सामने आ रही दिक्कतों और सुधार की जरूरतों पर फीडबैक लिया।
उन्होंने कहा कि कोई जरूरतमंद सरकारी योजना के लाभ से न छूटे और लोगों का जीवन आसान बनाना सरकार का लक्ष्य होना चाहिए। मंत्रियों को 8 ग्रुप में बांटा गया था। पीएम मोदी ने हर ग्रुप के साथ अलग-अलग बातचीत की और बाद में सभी मंत्रियों को संबोधित किया।
उन्होंने मंत्रियों से अपने मंत्रालयों की योजनाओं में आने वाली कमियों और चुनौतियों की पहचान कर जरूरी कदम उठाने को कहा। साथ ही लोगों तक सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी बेहतर तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया।

2021 में मंत्रियों के ‘चिंतन सत्र’ में पीएम मोदी आखिरी कतार में बैठे थे।
40-45 प्रमुख योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर
मंत्रियों को सरकार की 40-45 प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की पूरी जानकारी रखने को कहा गया। उन्हें इन योजनाओं के बारे में लोगों को बताने और सभी पात्र लोगों तक इनका लाभ पहुंचाने पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
सरकार आने वाले दिनों में लोगों से बेहतर संवाद पर भी जोर देगी। मंत्रियों से कहा गया कि वे कल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़े कामों की जानकारी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाएं।
मीडिया से बात करने से पहले मुद्दों की जानकारी लेने को कहा
मंत्रियों को निर्देश दिया गया कि मीडिया से बात करने से पहले वे हाल के मुद्दों और समस्याओं की पूरी जानकारी लें। उन्हें चिंतन शिविर में दूसरे मंत्रियों से मिली सीख और अपने अनुभवों को भी साझा करने को कहा गया।

2021 के चिंतन सत्र में पीएम मोदी प्रेजेंटेशन के दौरान नोट्स लिखते देखे गए थे।
पहले दिन शासन और सुधारों पर चर्चा
शिविर के पहले दिन शासन व्यवस्था, सुधार और महिलाओं व युवाओं तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच पर चर्चा हुई। मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से सरकारी कामकाज और योजनाओं की डिलीवरी सुधारने पर भी विचार किया गया।
‘जन विश्वास से जन भागीदारी’ और विकसित भारत@2047 पर मंथन
बैठक में ‘जन विश्वास से जन भागीदारी’, सरकार के अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार और विकसित भारत@2047 की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई।
दो दिन का यह शिविर सरकारी कामकाज की समीक्षा, आपसी तालमेल बढ़ाने और आगे की कार्ययोजना तैयार करने के लिए आयोजित किया गया था।
विकसित भारत@2047 की तैयारी 2021 से चल रही है। इसके लिए सचिवों के 10 क्षेत्रीय समूह बनाए गए हैं, जो देश के विकास के लिए छोटी और लंबी अवधि के रोडमैप तैयार कर रहे हैं।
इस प्रक्रिया के तहत अब तक मंत्रिपरिषद के सामने अलग-अलग पहलुओं पर 8 प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं। मौजूदा चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।

सरकारी कामकाज में सुधार पर भी जोर
शिविर में सरकारी कामकाज की समीक्षा, नीतियों को लागू करने, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और लोगों को बेहतर सरकारी सेवाएं देने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सुधारों के तहत नियमों का बोझ कम करने और लोगों का जीवन आसान बनाने पर भी जोर दिया गया।हाल के समय में मंत्रालयों को अपनी गतिविधियों के लाइव डैशबोर्ड बनाने, काम की प्रगति की समीक्षा करने और कर्मचारियों से सुझाव लेने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महीने की शुरुआत में पीएम मोदी ने मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों को लोगों के लिए ज्यादा आसान बनाने को भी कहा था।
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ये फोटो 14 सितंबर 2021 की हैं। तब मोदी सरकार के मंत्रियों का पहला ‘चिंतन सत्र’ राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में लगा था।
मोदी सरकार के मंत्रियों का आज से 2 दिन का चिंतन शिविर शुरू हो गया है। यह 24 सितंबर तक चलेगा। इसमें पीएम मोदी कैबिनेट मिनिस्टर्स की क्लास लेंगे। सरकार के एक मंत्री ने भास्कर को बताया कि शिविर के पहले दिन हर मिनिस्टर अपने मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन देगा। पढ़ें पूरी खबर…

