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Mohammad Rizwan PCB Media Ban


2 मिनट पहले

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पूर्व कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को मीडिया से बात करने से रोका है। रिजवान ने पिछले सप्ताह दो बार बोर्ड से मीडिया से बात करने की इजाजत मांगी थी। दोनों बार उनकी मांग ठुकरा दी गई। रिजवान का कहना था कि मामले को लेकर काफी भ्रम और अटकलें हैं।

मामला पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की जांच से जुड़ा है। एजेंसी रिजवान से ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े आरोपों तथा उनके वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ कर रही है। इंग्लैंड दौरे के दौरान लॉर्ड्स टेस्ट के बाद रिजवान और इमाम-उल-हक के फोन भी जांच के लिए लिए गए थे। दोनों के डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच जारी है।

इंग्लैंड दौरे से उठे सवाल

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान के प्रदर्शन और टीम के अंदर चल रही गतिविधियों को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा को दौरे के बीच से वापस पाकिस्तान बुला लिया गया।

इसके बाद रिजवान और इमाम को NCCIA ने पूछताछ के लिए बुलाया। 10 सितंबर को दोनों एजेंसी के सामने पेश हुए। जांच का दायरा सिर्फ क्रिकेट प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। एजेंसी ने खिलाड़ियों से उनकी आर्थिक गतिविधियों, यात्रा, सोशल मीडिया और दूसरे निजी रिकॉर्ड से जुड़े सवाल भी पूछे।

पाकिस्तान को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। तस्वीर में- बाबर आजम (बीच में) और शान मसूद (दाएं)

पाकिस्तान को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। तस्वीर में- बाबर आजम (बीच में) और शान मसूद (दाएं)

फोन क्यों जब्त किए गए?

लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान रिजवान और इमाम के मोबाइल फोन जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए। रिजवान के वकील काजी उमैर अली ने अदालत में दावा किया कि रिजवान को होटल की लॉबी में बुलाकर पूछताछ की गई और फोन यह कहकर लिया गया था कि उसे करीब तीन घंटे में वापस कर दिया जाएगा। लेकिन फोन वापस नहीं मिला।

इसके बाद फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक जांच में मैसेज, कॉन्टैक्ट्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं।

NCCIA ने रिजवान से क्या-क्या मांगा?

जांच का दायरा सिर्फ मोबाइल फोन तक नहीं है। अदालत में पेश किए गए NCCIA के पांच पेज के सवालों में रिजवान से कई वर्षों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी मांगी गई।

इनमें पिछले 10 साल के सोशल मीडिया अकाउंट, पिछले पांच साल की आय, बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड, लोन, संपत्ति, घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई पर खर्च और देश-विदेश की यात्राओं की जानकारी शामिल है। एजेंसी ने परिवार के नाम पर मौजूद कुछ वित्तीय और संपत्ति संबंधी जानकारी भी मांगी है।

रिजवान हाईकोर्ट क्यों पहुंचे?

रिजवान ने NCCIA के नोटिस और जांच के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील का तर्क था कि नोटिस में यह साफ नहीं किया गया कि रिजवान किस खास ऑनलाइन बेटिंग या जुए की गतिविधि में शामिल होने के संदेह में जांच के दायरे में हैं। रिजवान ने यह भी सवाल उठाया कि इस तरह के क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए ICC की एंटी-करप्शन यूनिट है।

हालांकि, 17 सितंबर को लाहौर हाईकोर्ट ने रिजवान की याचिका को आगे सुनने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उन्हें पहले NCCIA के सवालों का जवाब देने और एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखने को कहा। इसके बाद याचिका खारिज कर दी गई।

मीडिया से बात करने के लिए PCB की अनुमति जरूरी क्यों है?

इसका कारण रिजवान का PCB के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट है। इसके तहत खिलाड़ी बोर्ड की अनुमति के बिना अपने रोजगार या बोर्ड से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक बयान नहीं दे सकते।

इमाम-उल-हक भी जांच के दायरे में

इस मामले में सिर्फ रिजवान का नाम नहीं है। इमाम-उल-हक भी NCCIA की पूछताछ का सामना कर चुके हैं।

लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम चोट के कारण दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे थे। इसके बाद उनकी चोट को लेकर भी सवाल उठे। NCCIA ने 9-10 सितंबर के आसपास रिजवान के साथ उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया था।

इमाम-उल-हक इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में चोट की वजह से बल्लेबाजी नहीं कर सके थे।

इमाम-उल-हक इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में चोट की वजह से बल्लेबाजी नहीं कर सके थे।

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