राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरुआत हो चुकी है। धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, एमपी, यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में कमजोर होते हुए पूरे देश से विदा होगा। देश के करीब आधे जिलों में बारिश का कोटा अब भी अधूरा है।
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इस बार कहां-कितने बरसे बादल, इसका हमारी जिंदगी पर कितना असर और क्या आने वाले दिनों में बारिश का कोटा पूरा होगा; गुजरते मानसून की पूरी कहानी, मंडे मेगा स्टोरी में…










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ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा
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2013, केदारनाथ बाढ़, 6000+ मौतें। 2021, चमोली बाढ़, 200+ मौतें। 2026, नेपाल-तिब्बत बाढ़, 1300+ मौतें। इन सभी आपदाओं में एक फैक्टर कॉमन है- हिमालय। दुनिया की सबसे जवान पर्वत शृंखला ‘हिमालय’ को भारत का रक्षक माना जाता है, लेकिन अब यही आपदाओं का कारण बनता जा रहा है। पूरी खबर पढ़िए…
