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MP CM Mohan Yadav Announces SISF Battalions for Tribal Communities


प्रमोट हुए पुलिस अफसरों के कंधों पर स्टार लगाते सीएम डॉ मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना

मध्यप्रदेश में औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) की तीन बटालियन गठित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में पुलिस विभाग की नई भर्तियों और पदोन्नति

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल में विशेष रूप से प्रदेश के अति पिछड़े जनजातीय समूहों को अवसर देने के लिए बैगा, भारिया और सहरिया की कंपनियां गठित की जाएंगी। इन कंपनियों में इन समुदायों के युवाओं को शामिल किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगातार नए पदों की स्वीकृति और भर्ती के साथ बल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की पदोन्नति का रास्ता अब खुल गया है और आगे भी पात्रता के आधार पर पदोन्नतियां होती रहेंगी।

तीन बटालियन, पहली खंडवा में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की तीन बटालियन बनाई जाएंगी। इनमें से एक बटालियन खंडवा में गठित करने की घोषणा उन्होंने मंच से की। दो अन्य बटालियनों का स्थान बाद में घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए इस बल को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पुलिस विभाग में नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह में पहुंचने पर पुलिस टुकड़ी-बैंड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पुलिस विभाग में नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह में पहुंचने पर पुलिस टुकड़ी-बैंड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

बैगा-भारिया-सहरिया की कंपनियां भी बनेंगी

राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल में बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय की अलग-अलग कंपनियों के गठन की योजना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अति पिछड़े समूहों के युवाओं को पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए इन कंपनियों का गठन किया जाएगा। इससे इन समुदायों के युवाओं को रोजगार के साथ सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम।

कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम।

58 संवर्गों में 27,534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति

मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में प्रदेश के सभी विभागों में पदोन्नतियां की गई हैं। पुलिस विभाग में 58 संवर्गों के 27,534 अफसरों और कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति से पुलिसकर्मियों का मनोबल और उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कंधों पर लगे सितारे उनकी क्षमता और जिम्मेदारी के साथ उनकी शोभा भी बढ़ा रहे हैं।

20 हजार रिक्त पदों का पता चला, अब लगातार भर्ती

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में डीजीपी का पद संभालने के बाद पुलिस विभाग की विभिन्न शाखाओं की समीक्षा की गई। भर्ती एवं चयन शाखा की समीक्षा में प्रदेश में विभिन्न स्तर के करीब 20 हजार पद रिक्त पाए गए। इनमें सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो और एएसआई एम जैसे पद भी शामिल थे, जिन पर करीब आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी।

डीजीपी ने कहा कि रिक्त पदों के कारण पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा था। वर्ष 2025 में 6,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया। इसके बाद करीब तीन महीने में सूबेदार, सब इंस्पेक्टर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती की अनुमति मिल गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग में नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग में नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

इस साल 9,662 पदों पर भर्ती की अनुमति

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में भी पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर 9,662 भर्तियों की अनुमति मिली है। विभिन्न संवर्गों में 14,704 उम्मीदवारों का चयन हो चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल से जुड़ी भर्तियां दूसरे चरण में हैं। उन्होंने बताया कि कुल 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए लगातार नए पदों की स्वीकृति और भर्ती की जा रही है।

नक्सल मोर्चे पर हॉक फोर्स और विशेष सहयोगी दस्ते को मजबूती

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि नक्सल समस्या आजादी के बाद से देश के सामने आंतरिक सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों में रही है। मध्यप्रदेश में नक्सल समस्या को सुनियोजित तरीके से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

मुख्यमंत्री की स्वीकृति से हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद स्वीकृत किए गए। डीजीपी ने कहा कि लगातार लिए गए निर्णयों और नए पदों की स्वीकृति के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश नक्सल समस्या से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना है।

‘पुलिस की वर्दी पहनकर आदमी शेर बन जाता है’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमतौर पर यह धारणा रहती है कि पुलिस वाले हंसते नहीं हैं, लेकिन आज उनके चेहरों की प्रसन्नता देखकर संतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनने का अपना अलग अहसास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के स्लोगन के आधार पर अपनी प्रतिबद्धता से देश में अलग पहचान बनाती है। उन्होंने पुलिस की वर्दी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पहनने के बाद व्यक्ति के भीतर जिम्मेदारी और साहस का अलग भाव पैदा होता है।

‘20 हजार से ज्यादा लोग रिटायर हो गए, इसका मलाल है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति रही। इस दौरान 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इसका मलाल है कि कई पुलिसकर्मियों को उनके कार्यकाल में पदोन्नति नहीं मिल सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पदोन्नति का रास्ता खुल गया है। कर्मचारियों को अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से मिलने वाले आनंद की किसी दूसरी चीज से तुलना नहीं की जा सकती।

डीजीपी बोले- आठ साल से नहीं हुई थी एसआई-सूबेदार की भर्ती

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि पदभार संभालने के बाद हुई समीक्षा में पता चला कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों की भर्ती करीब आठ साल से नहीं हुई थी। इन पदों को पुलिस विभाग की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि इन पर रिक्तियां होने का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर भी पड़ रहा था।

उन्होंने बताया कि भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों और सवालों का शासन स्तर पर फॉलोअप किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में सूबेदार और सब इंस्पेक्टर भर्ती के नए नियम जारी किए गए और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा- ‘गृह विभाग मेरे पास है, इसलिए ज्यादा ध्यान देता हूं’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास है, इसलिए अन्य विभागों की तुलना में इस विभाग पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती, पदोन्नति और नए पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी प्रशासन आदर्श कटियार और एडीजी एसएएफ चंचल शेखर मौजूद रहे। डीजीपी ने पुलिस विभाग की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन और नई भर्तियों व पदोन्नतियों के लिए आभार व्यक्त किया।

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