पांढुर्णा में गोटमार मेले में झंडे के लिए लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई।
मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में शुक्रवार को गोटमार मेले में झंडे पर कब्जे के लिए पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। मेले में कुल 1326 लोग घायल हुए। इनमें 8 की हालत गंभीर होने पर नागपुर रेफर किया गया। शाम को पांढुर्णा पक्ष के युवक ने कु
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झंडा काटने के दौरान 3 युवक टिन के नीचे दब गए। उन पर भी पत्थर बरसाए गए। इसका वीडियो सामने आया है। एक अन्य वीडियो में युवक गमछे से गोफन बनाकर पत्थर मारता नजर आया।
सिर फूटे, हडि्डयां टूटीं, 8 रेफर
सचिन हाटेकर का पैर टूटा। प्रीतम योगेश राउत के सिर और सीने में चोट आई। सावरगांव के 30 वर्षीय संजय धारपुरे का सिर और पैर में चोट लगी। 33 वर्षीय नितिन भादे का पैर टूटा। सचिन नासरे, कैलाश नंदू साहू, राजू कामडे और जीवन सलामे भी गंभीर घायल हुए। सभी 8 को रेफर किया गया है।
कांग्रेस विधायक भी पत्थरबाजी करते दिखे पांढुर्णा से कांग्रेस विधायक निलेश उईके भी पत्थरबाजी करते नजर आए। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच शामिल होकर दूसरे पक्ष की ओर पत्थर फेंका। महाराष्ट्र के मोवाड से परिवार के साथ मेला देखने आए 5 वर्षीय योगेश मरावी के सिर में पत्थर लगा। सिर से खून निकलने के बाद पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल ले गए।
गोटमार मेले की तस्वीरें देखिए…

पांढुर्णा गांव के युवक ने नदी के बीच में लगे झंडे को काटा।

झंडा काटने के दौरान 3 लोग टिन के नीचे दब गए। लोग पत्थर बरसाते रहे।

टिन के सहारे युवक बाहर निकले। झंडा चंडी माता मंदिर ले जाया गया।

पांढुर्णा से कांग्रेस विधायक निलेश उईके ने भी पत्थरबाजी की।

पत्थरबाजी में कई खिलाड़ियों के सिर फूट गए।

गोटमार मेले में घायलों का इलाज किया गया। 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए थे।

पांढुर्णा वालों पर पत्थरबाजी करते सावरगांव के लोग।

गोटमार मेले के दौरान जाम नदी में पत्थरबाजी के ड्रोन शॉट।

सावरगांव के लोग पत्थर बरसाते हुए। पांढुर्णा के लोग भागते नजर आए।

पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के लोगों ने एक दूसरे को पत्थर मारे।

झंडे के लिए पांढुर्णा और सावरगांव के लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई।
700 पुलिसकर्मी, 3 ड्रोन से निगरानी
मेले में सुरक्षा के लिए 700 पुलिसकर्मी तैनात थे। 10 CCTV कैमरों और 3 ड्रोन से निगरानी की गई। घायलों के इलाज के लिए 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, 44 डॉक्टर और 22 एंबुलेंस तैनात रहीं।
कैसे होता है गोटमार मेला
जाम नदी के दोनों ओर पांढुर्णा और सावरगांव के लोग जमा होते हैं। झंडे पर कब्जे के लिए दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं। झंडा काटकर मंदिर ले जाने के बाद मेले का समापन माना जाता है।
गोटमार मेले के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
