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Mule Bank Account Scam Network Exposed; Yes IndusInd City Union Bank Employee


साइबर क्राइम का पैसा कहां जाता है, इन्हें ठिकाने लगाने वालों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पाती, अकाउंट का पता लगने पर भी रकम हाथ क्यों नहीं लगती। दैनिक भास्कर ने इन सवालों के जवाब तलाशने शुरू किए, तो म्यूल अकाउंट का पता चला। ये ऐसे बैंक अकाउंट हैं, जो द

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अब सवाल था कि म्यूल अकाउंट खोले कैसे जाते हैं, क्या बैंक को इनकी खबर नहीं होती? पड़ताल आगे बढ़ी, तो हम म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एक एजेंट तक पहुंचे। उसने हमें दिल्ली के 3 प्राइवेट बैंकों के स्टाफ और अफसरों से मिलवाया। इन्होंने 30-35 बैंकों में न सिर्फ ऐसे अकाउंट खुलवाने का दावा किया, बल्कि रकम न फंसने देने का भरोसा भी दिलाया।

एजेंट और बैंक स्टाफ का ये नेटवर्क कैसे काम करता है, बैंकिग सिस्टम की किन खामियों का फायदा उठाकर ये म्यूल अकाउंट खुलवा रहे हैं, पढ़िए और देखिए पूरी रिपोर्ट…

पहली मुलाकात मुकुल वर्मा से

दावा: 50 हजार रुपए में सेविंग अकाउंट, कमीशन पर कॉर्पोरेट अकाउंट

पहाड़गंज में रहने वाले एजेंट मुकुल वर्मा ने खुद को ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट से जुड़ा बताया। दावा किया कि उसके पास 70-80 लड़के हैं, जिनके डॉक्यूमेंट्स पर सेविंग, करंट और कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाकर दे सकता है। मुकुल से हम कनॉट प्लेस पर एक रेस्टोरेंट में मिले।

रिपोर्टर- आपके पास ऐसे अकाउंट खुलवाने के लिए बंदे हैं? मुकुल- हां, ऐसे लड़के हैं, जिन्होंने 2, 4, 5 हजार रुपए में अकाउंट खुलवा लिया। उन्हें सिर्फ पैसों से मतलब है। सभी बाहर के होंगे, जैसे- झारखंड, यूपी। हर हफ्ते किट के साथ कम से कम 10 अकाउंट दे सकता हूं।

रिपोर्टर- किट में क्या रहेगा? मुकुल- ATM, चेक बुक, सिम कार्ड। अभी अकाउंट का रेट 40-50 हजार चल रहा है। कॉर्पोरेट (अकाउंट) के लिए बंदे को बोला है, वो पर्सेंटेज पर चलेगा।

रिपोर्टर- पहले कितने पर्सेंटेज पर ले रहे थे? मुकुल- साढ़े 3 पर्सेंट पर चला रखा था।

मुकुल की बातों से साफ हो गया कि वो इस नेटवर्क में महज बिचौलिया नहीं, बड़ा खिलाड़ी है। उसी ने हमें यस बैंक के स्टाफ रोहतास तक पहुंचाया। मुकुल ने पहले फोन पर बात कराई। फिर मिलने का दिन और समय तय हुआ। यहां से म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं।

दूसरी मुलाकात रोहतास से

दावा: 40-50 लाख के ट्रांजैक्शन के लिए कमीशन पर करंट अकाउंट

रोहतास ने हमें यस बैंक की पहाड़गंज ब्रांच बुलाया। बातचीत के लिए हम पास के एक रेस्टोरेंट में गए। साथ में एजेंट मुकुल भी था। यहां उसने फर्जी अकाउंट खुलवाने के नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा करना शुरू किया।

रिपोर्टर- दुबई से चलने वाली बेटिंग साइट के लिए अकाउंट चाहिए। सेविंग या करंट कोई भी मिल जाए, बस लिमिट अच्छी हो। रोहतास- इनमें से ज्यादातर पर साइबर क्राइम का नोटिस आ जाता है। आजकल बैकों में ऐसे अकाउंट ज्यादा खुल रहे हैं, हमें भी अलर्ट किया गया है।

रिपोर्टर- मुकुल के पास झारखंड के 70-80 लड़के हैं, उन्हीं के नाम पर अकाउंट खुलना है। रोहतास- हां, खोल देंगे। अपने एक-दो साथियों से भी खुलवा देंगे। करंट अकाउंट भी मिल जाएगा। एक कस्टमर यही काम करता है। वो 10-20 लाख या 40-50 लाख के बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अकाउंट कमीशन पर देता है।

रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का बताइए, सारा सट्टे का पैसा ही आएगा। रोहतास- अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस बनाकर चलना होगा, इसलिए उसमें एक दिन पैसे डालो और अगले दिन निकाल लो। एक ही दिन पैसा आने और विड्रा करने पर अकाउंट फ्रीज होने का खतरा ज्यादा है।

रिपोर्टर- साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो हमें कैसे पता चलेगा? रोहतास- अकाउंट में अलर्ट का मेमो आता है। हम अकाउंट खोलेंगे, तो उस पर नजर रखेंगे।

रिपोर्टर- अकाउंट 6 महीने तो चल ही जाएंगे? रोहतास- आराम से चल जाएगा।

इसके बाद रोहतास ने हमें अगली कड़ी तक पहुंचाया। उसने यस बैंक की मॉडल टाउन ब्रांच में काम करने वाले अश्वनी कुमार से बात की और हमारी मीटिंग फिक्स कराई।

तीसरी मुलाकात अश्वनी कुमार से

दावा: 1 करोड़ रु. लिमिट वाले अकाउंट का रेट 1.25 लाख, एक-दो अभी दिला देंगे

रोहतास के भरोसे पर अश्वनी हमसे मिलकर बातचीत करने के लिए तैयार हुआ। एजेंट मुकुल भी साथ मौजूद था।

अश्वनी- आपको कैसा अकाउंट खुलवाना है? रिपोर्टर- सेविंग और करंट दोनों।

अश्वनी- सेविंग खुलवालो, बेस्ट रहेगा। रिपोर्टर- मुझे 50-60 अकाउंट चाहिए, लेकिन सारे लड़के झारखंड और बिहार के हैं।

अश्वनी- कोई दिक्कत नहीं। रिपोर्टर- बेटिंग का पैसा आएगा, अगर कोई शिकायत आई तो कैसे पता चलेगा।

अश्वनी- जैसे AML (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) आएगा, आपको बता देंगे कि भइया अब इसके आगे अकाउंट नहीं चलेगा। साइबर से इस पर होल्ड लगा रहा है। आप सारा पैसा हटा देना। रिपोर्टर- मतलब, साइबर वाले आएंगे।

अश्वनी- हां, मेरे कस्टमर की पूछताछ मुझसे ही होगी। जवाब देना होगा कि अकाउंट कैसे और क्यों खोला। रिपोर्टर- दूसरे बैंकों में भी अकाउंट चाहिए। अश्वनी- इंडस में खुलवा देंगे।

रिपोर्टर- अपने खास बंदे किसमें हैं? अश्वनी- वैसे तो 35 बैंक हैं, जहां खुलवा देंगे। सब में 5-5, 10-10 अकाउंट।

रिपोर्टर- मुकुल भाई (साथ मौजूद एजेंट) अगर कोई जांच बैठी, तो लड़का नहीं मिलना चाहिए। मुकुल- वो सारे झारखंड से कुकर्म करके भागे हुए लड़के हैं, किसी ने पुलिस वाले को मारा है, कोई मर्डर करके दिल्ली में रह रहा है।

रिपोर्टर- आपने पहले भी ऐसे अकाउंट खोले हैं, कितना खर्च लगेगा। अश्वनी- सेविंग और करंट अकाउंट 25 हजार से नीचे नहीं मिलेगा।

रिपोर्टर- मतलब आप एक फर्जी अकाउंट के 25 हजार लेते हो। अश्वनी- हां, और वो भी कैश चाहिए। अगर आपको बना-बनाया अकाउंट चाहिए, तो वो भी मिल जाएगा। गेमिंग चलाने के लिए प्रोपराइटर करंट अकाउंट भी मिलेंगे।

रिपोर्टर- सब फर्जी अकाउंट हैं। अश्वनी- फर्जी नहीं होते सर, जैसे- हमने एक दुकानदार के नाम पर अकाउंट खोल दिया। बाद में उसने दुकान बंद कर दी। बस उन्हें अकाउंट खुलवाने से मतलब होता है। अकाउंट एक्टिव होने के बाद वो बेच देते हैं।

बातचीत के दौरान ही अश्वनी अकाउंट का पता लगाने के लिए एक एजेंट को फोन लगाता है…

अश्वनी- सेल के लिए कोई अकाउंट है? एजेंट- 2-3 अकाउंट हैं।

अश्वनी- फिर दे दो। एजेंट- कॉर्पोरेट अकाउंट हैं।

अश्वनी- तुम कितना लोगे। एजेंट- 1.25 लाख दिला देना।

अश्वनी- उसकी लिमिट कितनी है। एजेंट- 1 करोड़ रुपए।

एजेंट से बातचीत के बाद अश्वनी ने बताया कि 1 करोड़ लिमिट वाला अकाउंट 1.25 लाख में मिल जाएगा। इसके एवज में मुझे अलग से 25 हजार चाहिए। इसके बाद रोहतास के जरिए हम सिटी यूनियन बैंक के सीनियर अफसर तक पहुंचे। उसने मुकुल को फोन पर बताया कि चांदनी चौक ब्रांच में तैनात प्रमोद से म्यूल अकाउंट खोलने की बात हुई है। उससे जाकर मिल लो।

चौथी मुलाकात प्रमोद से

दावा: एक एरिया में लड़कों को अलग-अलग रखवाओ, इससे फ्रॉड समझ नहीं आता

प्रमोद से मिलने के बाद हम एजेंट मुकुल के साथ चांदनी चौक पहुंचे। उसने दावा किया कि अगर उसके फॉर्मूले से म्यूल अकाउंट खुलवाया तो पुलिस से खुलवाने वाला और बैंक कर्मचारी दोनों बचे रहेंगे।

रिपोर्टर- हमें गेमिंग और सट्टे के पैसे के लिए अकाउंट चाहिए। रोहतास के दोस्त मुकुल के पास बंगाल के 70-80 लड़के हैं, वो आपको सारे डॉक्यूमेंट्स दे देंगे। प्रमोद- सेविंग अकाउंट तो खोल ही सकते है, उसमें क्या दिक्कत है।

रिपोर्टर- हर दिन कितना ट्रांजैक्शन होगा और कैसे होगा। प्रमोद- अगर सेविंग से काम चल जाए, तो हाई वेरिएंट का अकाउंट खोल देंगे। साल भर की 30 से 50 लाख की लिमिट दे देंगे। अच्छा ATM कार्ड देंगे, ताकि किसी भी ATM से एक लाख रुपए रोज निकाल सको।

रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का सिस्टम बताइए, क्योंकि अकाउंट फ्रीज होने का खतरा रहता है। पैसा UPI या NEFT से आएगा। प्रमोद- UPI नहीं, NEFT या RTGS मंगाओ। अमाउंट 50 हजार से कम हो, अगर ज्यादा है, तो 1 लाख से कम हो। सेविंग अकाउंट को उसी तरह चलाना होगा। एक दम से पैसा नहीं निकलना चाहिए। दूसरी बात हाई वेरिएंट अकाउंट होगा, तब मान लीजिए अगर 25 हजार से खोला, तो उसमें इतना ही अमाउंट छोड़ना होगा। बल्कि 5-10 हजार रुपए ज्यादा ही छोड़ना है।

रिपोर्टर- ठीक है

प्रमोद- आपको रात 8 बजे के बाद पैसा मंगाना है, जिससे कि एक रात पैसा अकाउंट में रुक जाए। फिर दिन में 70 से 80% पैसा आप निकाल लो। रिपोर्टर- अगले दिन।

प्रमोद- हां, ATM से या कैश निकाल लो। UPI करना हो, तो वो कर लो। देखो काम ऐसे करना है कि अकाउंट फ्रीज ना हो और काम हो जाए।

सिटी यूनियन बैंक की चांदनी चौक ब्रांच में काम करने वाले प्रमोद अकाउंट खोलने से लेकर इसे फ्रीज होने से बचाने तक के सारे तरीके बताए।

सिटी यूनियन बैंक की चांदनी चौक ब्रांच में काम करने वाले प्रमोद अकाउंट खोलने से लेकर इसे फ्रीज होने से बचाने तक के सारे तरीके बताए।

फिर प्रमोद अकाउंट खोलने का तरीका बताता है….

प्रमोद- पहले CA से एड्रेस चेंज का प्रोसीजर कराना होगा। दिल्ली के एड्रेस का रेंट एग्रीमेंट बनवा लेना और बिजली बिल दे देना। इनका (लड़कों) अकाउंट पहले चल रहा होगा, इसलिए उनकी विदाउट टैक्स वाली ITR भरवानी होगी।

उससे तीन काम होंगे- बंदा जेन्युइन हो जाएगा। कल को अगर अकाउंट फ्रीज भी हुआ, तो हम तुरंत ITR दे सकते हैं। आपको रीटेल का बिजनेस दिखाना है। इसमें UPI पेमेंट आती-जाती दोनों है। बताना कि सदर बाजार से माल खरीदते हो और रीटेल में सप्लाई करते हो। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता।

रिपोर्टर- सट्टे का पैसा है, साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो कैसे पता चलेगा? प्रमोद- मेल आने पर पता चल ही जाता है। ब्रांच में मेल आता है कि इस अकाउंट का वेरिफिकेशन कराइए यानी बंदा वहां रहता है या नहीं। अकाउंट खोलने के लिए जो बिजली बिल और रेंट एग्रीमेंट आप दोगे, बस वो एड्रेस सही मिलना चाहिए।

रिपोर्टर- एड्रेस तो रहेगा, लेकिन बंदा दोबारा नहीं मिलेगा। प्रमोद- अकाउंट खोलते वक्त बंदा उस एड्रेस पर रहता था, बस इतना काफी है। उसके बाद मेरी कोई गारंटी नहीं है, एक बैंकर का काम प्रेजेंट में वेरफाई करना होता है।

रिपोर्टर- फिर तो ये फर्जी अकाउंट हुआ, फर्जी पते पर बना और न बंदा दोबारा मिलेगा। प्रमोद- बंदे को उस एड्रेस पर चेक बुक रिसीव होनी चाहिए। फिर बंदा भी बरी है और खोलने वाला भी बरी है। बैंक ने एड्रेस वेरीफाई कर लिया।

रिपोर्टर- ऐसे अकाउंट कितने दिन चल जाएंगे, तीन महीने चल जाएंगे क्या। प्रमोद- आराम से, लेकिन हिसाब से चलाना होगा। ये नहीं कि एक महीने में एक करोड़ का ट्रांजैक्शन कर लिया।

रिपोर्टर- अलर्ट ही सबसे बड़ा टेंशन है, क्योंकि पैसा फंसने का खतरा है, बाकी चीजें मैनेज कर लेंगे। अलर्ट का आप ही बताओगे। प्रमोद- वो तो यहीं आता है, बता देंगे।

रिपोर्टर- किराए पर कमरा लेकर लड़कों को रखवाना है। एक ही कमरे में 5 लोगों को रखवा देंगे और उसी एड्रेस पर डॉक्यूमेंट रिसीव करा देंगे। प्रमोद- एक एरिया में 5 लोग रखवा दो, लेकिन एक कमरे में नहीं। वरना जाहिर हो जाएगा कि आप फ्रॉड के लिए कर रहे हैं।

प्रमोद से मिलकर निकले ही थे, तभी मुकुल के पास अश्वनी का फोन आया। उसने बताया कि इंडसइंड बैंक का एक कर्मचारी भी फर्जी बैंक खाते खोल देगा। उससे फोन पर हमारी बात हुई और पहाड़गंज में मीटिंग तय हुई।

पांचवी मुलाकात गुलाम से

दावा: बैंक अगर अकाउंट फ्रीज कर दे तो फोटो रख लेना, हम खुलवा देंगे

मुकुल के साथ हम गुलाम रब्बानी से मिले। उसने मिलते ही बिना किसी झिझक के अकाउंट खुलवाने की बात शुरू कर दी।

रिपोर्टर- 10-15 सेविंग अकाउंट खुलवाना है। मुकुल- सेविंग में कितनी लिमिट दे देंगे।

रब्बानी- आपको कितनी चाहिए। मुकुल- डेली के 2 लाख रुपए दे दो।

रब्बानी- ज्यादा दे देंगे। रिपोर्टर- अब आप ये बताओ कि ऐसे अकाउंट कितने दिन चल सकते हैं।

रब्बानी- गेमिंग में तो 2-3 दिन ही चलेगा। रिपोर्टर- 2-3 दिन ही, लंबा चलाने के लिए क्या रास्ता है।

रब्बानी- ज्यादा से ज्यादा 7 दिन चलेगा। रिपोर्टर- 7 दिन के बाद क्या होगा।

रब्बानी- उसके बाद साइबर वाले फ्रीज कर देते हैं। अगर साइबर फ्रीज लगा है, तो उसमें हमारी कोई गलती नहीं है। बैंक ने लगाया है, तो वो खुलवा देंगे, उसमें कोई दिक्कत नहीं। रिपोर्टर- बैंक कब फ्रीज करता है।

रब्बानी- जब लगता है कि ओवर ट्रांजैक्शन हो रहा है। रिपोर्टर- हमारा मेन मसला ट्रांजैक्शन का ही रहेगा।

रब्बानी- वो (बैंक) फ्रीज कर देगा, तो हम एक वेरीफिकेशन लगा देते हैं कि हम गए तो कस्टमर मिला। कस्टमर के साथ फोटो खिंचवा लेना, फिर हम फ्रीज खुलवा देंगे। फिर आप पैसे निकाल सकते हो। रिपोर्टर- सारे पैसे रब्बानी- हां

रिपोर्टर- ये (मुकुल) जो लड़के देगा, वो एक बार अकाउंट खुलवाने के बाद दोबारा कभी नहीं मिलेंगे। रब्बानी- अपने पास उनका एक फोटो रख लेना क्योंकि जरूरत पड़ सकती है।

हमने म्यूल अकाउंट खोलने के स्टाफ के दावों को लेकर यस बैंक, इंडसइंड बैंक और सिटी यूनियन बैंक को सवाल भेजे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला। आने पर अपडेट करेंगे।

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