महेंद्रगढ़ में अधिकारियों से बात करते राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर देवेंद्र सिंह धपोला।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्पेशल मॉनिटर देवेंद्र सिंह धपोला ने महेंद्रगढ़ में तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। बुधवार को उन्होंने स्थानीय कैनाल विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों
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देवेंद्र सिंह धपोला 19 से 21 अगस्त तक महेंद्रगढ़ के विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। अपने दौरे के दौरान, वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सफाई कर्मचारियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। वे सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों से सीधे बातचीत भी करेंगे।
खतरनाक सफाई कार्यों में लगे व्यक्तियों की सुरक्षा पर जोर : धपोला
धपोला ने बताया कि इस दौरे का मुख्य मकसद मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने) और खतरनाक सफाई कार्यों में लगे व्यक्तियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर NHRC की सलाह के पालन का आकलन करना है। उन्होंने शहर का दौरा कर पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) के उपयोग, यांत्रिक सफाई प्रणालियों को अपनाने और सफाई कर्मचारियों की कार्य स्थितियों की समीक्षा की।
अधिकारियों के साथ बैठक में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में 1993 से ही हाथ से मैला ढोने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि संबंधित कानूनों और एडवाइजरी को सख्ती से लागू करना केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।

महेंद्रगढ़ में अधिकारियों से बात करते राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर देवेंद्र सिंह धपोला।
सफाई कर्मियों को रखने वाली एजेंसी की जवाबदेही तय हो : देवेंद्र
उन्होंने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के काम को पूरी तरह मशीनीकृत करने, PPE का उपयोग अनिवार्य करने, कर्मचारियों के अनुकूल मशीनें उपलब्ध कराने और सफाई कर्मचारियों को काम पर रखने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान अतिरिक्त लेबर कमिश्नर एनसीआर कुशल कटारिया, एसडीएम योगेश सैनी, डीएमसी रणबीर सिंह, नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता जे एस हुड्डा, हैफेड मैनेजर सुनील चौधरी और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
