Headlines

Oracle Layoffs: 10,000 Employees Face Job Cuts Amid AI & Cloud Shift


16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

टेक कंपनी ओरेकल दुनियाभर में अपने लगभग 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है, जिसमें भारत में काम करने वाले कई कर्मचारी भी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी यह कदम क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को संतुलित करने और अपनी लागत घटाने के लिए उठा रही है।

खर्च घटाने के लिए विभागों से मांगी जा रही रिपोर्ट

ओरेकल मैनेजमेंट ने अपनी अलग-अलग टीमों से अपने खर्च में कटौती करने के रास्ते तलाशने को कहा है। इस फैसले की वजह से छंटनी का असर किसी एक खास बिजनेस एरिया तक सीमित रहने के बजाय कंपनी के कई विभागों पर पड़ सकता है।

कंपनी में आंतरिक रूप से चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस छंटनी से वैश्विक स्तर पर 7000 से लेकर 10000 कर्मचारियों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, ओरेकल की ओर से इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

15 सितंबर को हो सकता है ऐलान

कंपनी के कर्मचारियों के बीच सितंबर में छंटनी प्रक्रिया शुरू होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। पहले 1 सितंबर को इसके ऐलान की संभावना जताई जा रही थी, वहीं अब 15 सितंबर को दूसरी संभावित तारीख माना जा रहा है। जब कंपनी अपनी छंटनी के फैसलों की घोषणा शुरू कर सकती है।

फिलहाल, छंटनी की सटीक तारीख और प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की अंतिम संख्या को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यहां तक कि कई मैनेजर्स को भी अभी इस बात की पूरी जानकारी नहीं है कि किन-किन रोल्स को खत्म किया जाएगा।

भारतीय वर्कफोर्स पर पड़ेगा बड़ा असर

संभावित छंटनी का यह फैसला ओरेकल के भारतीय वर्कफोर्स के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। भारत ओरेकल के ग्लोबल ऑपरेशंस का एक बड़ा और महत्वपूर्ण केंद्र है।

यहां कंपनी की इंजीनियरिंग, क्लाउड सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और सपोर्ट जैसी बड़ी टीमें काम करती हैं। ऐसे में वैश्विक कटौती का एक बड़ा हिस्सा भारतीय कर्मचारियों को प्रभावित कर सकता है।

1 साल में 21 हजार कर्मचारियों को निकाला

ओरेकल पिछले एक साल में पहले ही अपनी वर्कफोर्स में बड़ी कटौती कर चुकी है। मई 2026 के अंत तक ओरेकल के पास लगभग 1,41,000 कुल फुल-टाइम कर्मचारी थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या लगभग 1,62,000 थी। यानी पिछले 12 महीनों में ही कंपनी ने अपने हेडकाउंट में लगभग 21,000 कर्मचारियों की कमी की है।

कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि कामकाज में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने के कारण वर्कफोर्स में यह कटौती हुई है और आगे भी जारी रह सकती है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश बना बड़ी वजह

यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब ओरेकल AI बूम के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है। AI कंपनियों की ओर से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ओरेकल अपने डाटा सेंटर की क्षमता और क्लाउड बिजनेस का लगातार विस्तार कर रही है।

कंपनी के सामने AI बाजार में बने रहने के लिए कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के साथ-साथ बिजनेस के बाकी हिस्सों में खर्च को नियंत्रित करने का बड़ा संतुलन बनाने की चुनौती है।

रीस्ट्रक्चरिंग पर 1.8 अरब डॉलर का खर्च

कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, ओरेकल ने रीस्ट्रक्चरिंग और सेवरेंस पे यानी छंटनी मुआवजा पर करीब 1.8 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने अपने इन्वेस्टर्स को आगाह किया है कि संगठनात्मक बदलावों से कामकाज प्रभावित हो सकता है और कुछ कुशल पदों की कमी भी पैदा हो सकती है।

11 सितंबर को आने वाले हैं तिमाही नतीजे

ओरेकल ने इन नई छंटनी की खबरों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। 11 सितंबर को कंपनी के अगले तिमाही नतीजे आने वाले हैं। अगर यह छंटनी आगे बढ़ती है, तो यह क्लाउड और AI के इर्द-गिर्द अपने बिजनेस को नए सिरे से ढालने की ओरेकल की कोशिशों का ही हिस्सा होगी।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *