एन. रघुरामन का कॉलम:आज के बिशु और सूरज कल के वेलुसामी बन सकते हैं
‘गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स, आप सभी की तरह हर एडमिशन सीजन में हजारों स्टूडेंट्स अपने साथ किसी बैकपैक से कहीं अधिक बड़ी चीज लेकर विश्वविद्यालयों में प्रवेश करते हैं। कुछ अपने उन पैरेंट्स के सपने लाते हैं, जो कभी क्लास में गए ही नहीं। कुछ ऐसे परिवारों की उम्मीदें लाते हैं, जिनमें कभी किसी ने ग्रेजुएशन…
