सीएम नायब सिंह सैनी के साथ बैठक करते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदस्य।
हरियाणा सीएम नायब सैनी से मुलाकात के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 25 अगस्त को होने वाले रोष प्रदर्शन को टाल दिया है। मंगलवार देर रात सीएम आवास पर हुई मुलाकात के बाद कमेटी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने इसकी जानकारी दी।
.
बताया कि आंदोलन या घटनाक्रम के दौरान दर्ज किए गए सभी पुलिस पर्चे (केस) कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वापस और रद्द किए जाएंगे। इसके साथ ही, इस मामले में जिन बच्चों और युवाओं को हिरासत में लिया गया या जो जेल में बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा कराने पर सहमति बनी है।
सबसे खास बात यह है कि विवाद से जुड़े मुख्य व्यक्ति पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड ने मेरठ से पत्र भेजकर अपने कृत्य के लिए लिखित रूप से माफी मांगने की इच्छा जताई है, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण समाप्त मान लिया जाएगा।
बता दें कि अंबाला में मंड पर सात अगस्त को हमला हुआ था। पुलिस ने दो सिख युवकों को अरेस्ट कर लिया था। दोनों की रिहाई की मांग को लेकर सिखों ने 13 अगस्त को दिल्ली-अमृतसर हाईवे जाम कर दिया था। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने झींडा सहित 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके खिलाफ कमेटी ने 25 अगस्त को रोष प्रदर्शन का ऐलान किया था।

मीटिंग के बाद जानकारी देते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा।
सीएम नायब सैनी से मुलाकात के बाद जगदीश सिंह झींडा ने बताई यें बातें…
कमेटी के सभी 49 पदाधिकारियों और सदस्यों ने रखी बात
अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पंजोखरा साहिब में 7 तारीख को हुई घटना के विरोध में विवाद लगातार बढ़ता चला गया था। इस बढ़ते विवाद के कारण आगे चलकर 13 तारीख को जीटी रोड पर चक्का जाम करने की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों व संगत को चोटें भी आईं।
इस गंभीर मसले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी 49 सदस्यों, एग्जीक्यूटिव बॉडी, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप), भगत सिंह ग्रुप, छोटू राम यूनियन और सिख एकता दल के प्रतिनिधि एक साथ आए। इन सभी यूनियनों के प्रमुख नेताओं ने मुख्यमंत्री (CM) साहब के साथ बैठक की, जहां बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई और पूरे मामले के शांतिपूर्ण समाधान पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।
दर्ज किए गए केस वापस और रद्द किए जाएंगे
अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि आंदोलन या घटनाक्रम के दौरान दर्ज किए गए सभी पुलिस पर्चे (केस) कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वापस और रद्द किए जाएंगे।
इसके साथ ही मामले में जिन बच्चों और युवाओं को हिरासत में लिया गया या जो जेल में बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा कराने पर सहमति बनी है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन सभी केसों (पर्चों) को नियमानुसार पूरी तरह निरस्त (Cancel) कराने की कानूनी प्रक्रिया में शासन और प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
25 तारीख का प्रस्तावित रोष प्रदर्शन रद्द किया
अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा के मुताबिक, सरकार और किसान-सिख यूनियनों के बीच बनी इस सहमति के बाद 25 तारीख को आयोजित होने वाले प्रस्तावित रोष प्रदर्शन और रैली को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। वहीं, खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड ने मेरठ से पत्र भेजकर अपने कृत्य के लिए लिखित रूप से माफी मांगने की इच्छा जताई है।
यदि वे माफी मांग लेते है तो यह पूरा प्रकरण समाप्त मान लिया जाएगा। मामला पूरी तरह सुलझने के बाद मुख्यमंत्री को आमंत्रित कर पंजोखरा साहिब में एक बड़ा ‘शुकराना समागम’ और अरदास आयोजित की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने समस्त संगत और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रदेश में शांति व भाईचारा बनाए रखें।

———————————-
ये खबरें भी पढ़ें :-
