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संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी हंगामा जारी रहा। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।
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इसी दौरान राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
वहीं, लोकसभा में हंगामे के बीच कराधान और अन्य विधियां संशोधन बिल, 2026 पारित हुआ। राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा हुई और उसे पारित कर लोकसभा को लौटा दिया गया।
लोकसभा में तीन मिनट में स्थगित हुई कार्यवाही
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने पर कार्यवाही शुरू होने के करीब तीन मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर 2 बजे सदन दोबारा बैठा। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा। विपक्ष की नारेबाजी के बीच यह प्रक्रिया जारी रही।
इसके बाद करीब 2 बजकर 11 मिनट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां संशोधन बिल, 2026 विचार और पारित करने के लिए रखा गया।
विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच बिल पारित कर दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक बिल पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 7 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में रिजिजू-खड़गे आमने-सामने
अब बारी राज्यसभा की थी। उच्च सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा। शुरुआती कुछ मिनटों तक कार्यवाही सामान्य रही।
लेकिन शून्यकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर इशारा करते हुए सदन के नियमों और कार्यवाही को लेकर सवाल उठाया।
इसी दौरान खड़गे नाराज हो गए। उन्होंने रिजिजू को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें संसद के नियम सिखाने की जरूरत नहीं है।
हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इसके बाद सदन दोबारा बैठा तो नारेबाजी जारी रही। खड़गे और रिजिजू के बीच हुई इस तकरार की चर्चा सदन के बाहर भी होती रही।
जजों की नियुक्ति पर मनोज झा का सवाल
हंगामे के बीच प्रश्नकाल भी चला। आरजेडी सांसद प्रो मनोज झा ने जजों की नियुक्ति से जुड़े सवाल उठाए और सरकार से इस प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
लेकिन सदन में हंगामा थमा नहीं। इसके चलते कार्यवाही को दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक स्थगित करना पड़ा।
2 बजकर 15 मिनट पर सदन दोबारा बैठा, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर 2 बजकर 45 मिनट तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इसके बाद राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इसके जरिए वित्त वर्ष 2022-23 में दी गई राशि से अधिक हुए 54,067 करोड़ रुपए के अतिरिक्त सरकारी खर्च को संसद की मंजूरी देने का प्रावधान था। राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मिड-डे-मील को लेकर संजय सिंह का निशाना
विधेयक पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सीतापुर से सामने आए एक वीडियो का जिक्र किया। उन्होंने इस मामले के जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा- सर, वह कल उत्तर प्रदेश के सीतापुर का वीडियो देखे। मिड-डे मील में बच्चों को जो सब्जी परोसी जा रही थी, उसमें सिर्फ पानी ही दिख रहा था, सब्जी नजर नहीं आ रही थी।
उनके बयान पर उपसभापति हरिवंश ने आपत्ति जताई और कहा कि सदस्य जान-बूझकर सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
इसके बावजूद सदन में बहस और हंगामा जारी रहा।
अंततः राज्यसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 पारित कर उसे लोकसभा को लौटा दिया। चूंकि यह धन विधेयक है, इसलिए राज्यसभा की भूमिका इसे लोकसभा को सिफारिशों के साथ लौटाने तक सीमित है।
इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी 7 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस तरह गुरुवार का संसद दिवस हंगामे, बार-बार स्थगन और महत्वपूर्ण विधायी कामकाज के बीच खत्म हुआ। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
