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Patal Bhuvneshwar Cave Closed | Oxygen Shortage Uttarakhand Visit Update


पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा।

पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा 11 अगस्त से 10 अक्टूबर तक बंद रहेगी। गुफा में ऑक्सीजन की कमी और भारी बारिश को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने यह निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से इस अवधि में यात्रा न करने की अपील की

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विभाग के अनुसार बरसात के दौरान गुफा में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गुफा को दो महीने तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। विभाग के अनुसार मानसून समाप्त होने और सुरक्षा की समीक्षा के बाद अक्टूबर माह में गुफा को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।

भगवान शिव के भक्त थे अयोध्या के राजा

गुफा के पुजारी नीलम भंडारी के मुताबिक अयोध्या के राजा ऋतुपर्णा भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। उन्होंने ही इस गुफा की सबसे पहले खोज की थी। वहीं अगर पौराणिक इतिहास से जुड़ी अलग-अलग किताबों पर नजर डालें तो पता चलता है कि राजा ऋतुपर्णा का साम्राज्य ईसा पूर्व 4720 के आसपास यानी आज से 6744 साल पहले था।

मंदिर के अंदर हजारों की संख्या में शिवलिंग हैं, माना जाता है कि यहां पर 33 कोटी देवी देवताओं का वास है।

मंदिर के अंदर हजारों की संख्या में शिवलिंग हैं, माना जाता है कि यहां पर 33 कोटी देवी देवताओं का वास है।

बड़ा रहस्य लिये हुए है गुफा का चौथा बंद द्वार

इस मंदिर की गुफा के भीतर चार द्वार हैं। कहा जाता है प्रत्येक द्वार हर युग यानी सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग का प्रतीक हैं। जहां इन चार द्वारों में से तीन द्वार खुले हुए हैं, वहीं एक द्वार अभी बंद है। मान्यता है कि जिस दिन यह चौथा द्वार खुलेगा, उसी दिन कलियुग का अंत होगा।

गुफा के अंदर बना यज्ञ, मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने इसे बनाया था।

गुफा के अंदर बना यज्ञ, मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने इसे बनाया था।

अब जानिए पाताल भुवनेश्वर गुफा तक कैसे पहुंचे…

  • हवाई मार्ग: पाताल भुवनेश्वर का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर एयरपोर्ट है, जो यहां से लगभग 244 किलोमीटर दूर स्थित है। पंतनगर से पाताल भुवनेश्वर तक टैक्सियां आसानी से उपलब्ध रहती हैं।
  • रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर रेलवे स्टेशन है, जो पाताल भुवनेश्वर से लगभग 154 किलोमीटर की दूरी पर है। टनकपुर से गंगोलीहाट, लोहाघाट और पाताल भुवनेश्वर के लिए टैक्सी और बसें नियमित रूप से मिल जाती हैं। टनकपुर भारत के प्रमुख शहरों- दिल्ली, लखनऊ, आगरा और कोलकाता से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।
  • सड़क मार्ग: पाताल भुवनेश्वर उत्तराखंड के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा है। दिल्ली के ISBT आनंद विहार से चंपावत, पिथौरागढ़, लोहाघाट और टनकपुर के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। इन जगहों से स्थानीय टैक्सी या बस लेकर आसानी से पाताल भुवनेश्वर पहुंचा जा सकता है।

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