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पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया राशि वसूलने के लिए डोर-टू-डोर अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम की समीक्षा के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले सरकारी संस्थानों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) पहले
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प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान करने वाले प्रमुख सरकारी संपत्तियां
- पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच): 28.50 लाख रुपये
- आईजीआईएमएस: 24.87 लाख रुपये
- पटना विमेंस कॉलेज: 14.10 लाख रुपये
- राजभवन: 11.76 लाख रुपये
- चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट: 10.90 लाख रुपये
प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान करने वाले प्रमुख गैर-सरकारी संपत्तियां
- जय प्रभा मेदांता अस्पताल: 49.62 लाख रुपये
- HMRI अस्पताल: 18.20 लाख रुपये
- बेली स्क्वायर मॉल: 17.83 लाख रुपये
- कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल: 16.52 लाख रुपये
- सेंट माइकल्स स्कूल: 11.13 लाख रुपये
पटना में एक दिन में 200 से अधिक संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट
वहीं, पटना नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स अभियान में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई हुई। डोर-टू-डोर अभियान के दौरान एक दिन में 200 से अधिक नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट किया गया। वहीं, 832 संपत्तियों से करीब 74.72 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया गया।
इस अभियान के दौरान 54 संपत्ति मालिकों ने मौके पर ही कर जमा किया, जबकि 45 संपत्तियों का स्व-कर पुनर्निर्धारण किया गया। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर 28 संपत्तियों का पेनाल्टी के साथ दोबारा टैक्स असेसमेंट किया गया।
नूतन राजधानी में सबसे ज्यादा 60 से अधिक संपत्तियों का असेसमेंट
शुक्रवार को नूतन राजधानी अंचल में सबसे अधिक 60 से ज्यादा संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट किया गया। इसके अलावा अजीमाबाद में 33, बांकीपुर में 17, कंकड़बाग में 36, पाटलिपुत्र में 40 और पटना सिटी में 16 नई संपत्तियों का कर निर्धारण हुआ।
नूतन राजधानी से 180 संपत्तियों के जरिए सबसे अधिक 23.96 लाख रुपये टैक्स मिला। पाटलिपुत्र से 193 संपत्तियों से 19.19 लाख, कंकड़बाग से 165 संपत्तियों से 12.80 लाख, बांकीपुर से 114 संपत्तियों से 8.09 लाख, अजीमाबाद से 119 संपत्तियों से 7.42 लाख और पटना सिटी से 161 संपत्तियों से 3.25 लाख रुपये की वसूली हुई।
