PM-आवास के लिए रेत मंगाई, हितग्राही पर 25 हजार जुर्माना:SDM ऑफिस के सामने धरने पर बैठा; माइनिंग विभाग बोला-प्रतिबंध के दौरान कार्रवाई




गरियाबंद में पीएम आवास योजना के हितग्राही सनत नागेश पर माइनिंग विभाग ने रेत के अवैध परिवहन के आरोप में 25,600 रुपए का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई के विरोध में हितग्राही एसडीएम ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गया। उसने जब्त रेत और रिश्तेदार के वाहन को छोड़ने की मांग की, लेकिन विभाग ने इसे ठुकरा दिया। हितग्राही का आरोप है कि 6 अक्टूबर को वाहन पकड़ा गया था, लेकिन विभाग 7 दिन बाद दुर्भावना से कार्रवाई कर रहा है। माइनिंग विभाग का कहना है कि 15 अक्टूबर तक नदी-नालों से रेत लाने पर प्रतिबंध था। वहीं, सनत नागेश का कहना है कि रेत के बिना पीएम आवास का निर्माण कैसे पूरा होगा। उसने अपने आवास के लिए रेत मंगाई थी। सरकार की ओर से सदन में आवास निर्माण के लिए रेत उपलब्ध कराने की बात कहे जाने के बावजूद हितग्राहियों को आसानी से रेत नहीं मिल रही है। 6 अक्टूबर को पकड़ा था रेत से भरा ट्रैक्टर दरअसल, 6 अक्टूबर को क्षेत्र में आयोजित सेवा सेतु शिविर में पहुंची जिला माइनिंग अधिकारी ने पीएम आवास हितग्राही के लिए मंगाए जा रहे रेत से भरे ट्रैक्टर को पकड़ लिया था। इसके बाद अब हितग्राही पर 25,600 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सनत नागेश का कहना है कि उसने कम खर्च में आवास निर्माण पूरा करने के लिए रेत मंगाई थी। उसने जब्त रेत और रिश्तेदार के वाहन को छोड़ने की मांग की, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया। रेत की कमी से आवास निर्माण में परेशानी 15 अक्टूबर तक वैध रेत खदानों से रेत निकालने पर प्रतिबंध है। दूसरी ओर, पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को तय समय में निर्माण पूरा करने का दबाव है। ऐसे में उन्हें रेत जुटाने में परेशानी हो रही है। रेत सिंडिकेट से रेत खरीदने पर लागत बढ़ जाती है। सीमित बजट में घर बनाने वाले कई हितग्राही अपने परिजनों की मदद से रेत मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्षद ने माइनिंग अफसरों पर लगाए आरोप पार्षद ने आरोप लगाया कि माइनिंग विभाग के अधिकारी अवैध परिवहन करने वालों के संपर्क में रहते हैं। उनका कहना है कि जो हितग्राही अपने जोखिम पर कम खर्च में रेत मंगाने की कोशिश करते हैं, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। हितग्राही की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है। अवैध परिवहन पर कार्रवाई की मांग माइनिंग विभाग की कार्रवाई को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने की बात कही थी। आरोप है कि विभाग छोटे हितग्राहियों पर कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़े स्तर पर हो रहे अवैध परिवहन पर सख्ती नहीं दिख रही है। माइनिंग अधिकारी ने नहीं उठाया फोन इस मामले में जिला माइनिंग अधिकारी अर्चना ठाकुर से पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। कलेक्टर रणवीर शर्मा ने कहा कि यह माइनिंग विभाग का मामला है। इस बारे में संबंधित अधिकारी ही जानकारी दे पाएंगी।



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