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PM मोदी के भ्रामक वीडियो मामले में सिद्दीकी को जमानत:चंडीगढ़ कोर्ट का आदेश- ट्रायल पूरा होने तक एक्स अकाउंट नहीं चला सकेगा; लेखिका मधु किश्वर की गिरफ्तारी अभी बाकी




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े भ्रामक वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने के मामले में आरोपी हैदराबाद निवासी हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को 107 दिन बाद सशर्त जमानत मिल गई है। चंडीगढ़ अदालत ने जमानत देते हुए आरोपी पर शर्त लगाई है कि जब तक इस मामले का ट्रायल पूरा नहीं हो जाता, वह अपना एक्स अकाउंट नहीं चलाएगा। इसके लिए आरोपी को अदालत में बाकायदा लिखित आश्वासन भी देना होगा। इस मामले में मशहूर लेखिका मधु किश्वर भी आरोपी हैं। चंडीगढ़ पुलिस अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक्स अकाउंट नहीं चलाने का लिखित आश्वासन अदालत ने हसन सिद्दीकी को जमानत देते हुए साफ किया कि वह मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक अपने एक्स अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके लिए अदालत ने उससे लिखित आश्वासन लेने का निर्देश दिया। आरोपी के वकील अभय जोशी ने भी अदालत में कहा था कि अगर सिद्दीकी को जमानत दी जाती है तो वह अपना एक्स अकाउंट नहीं चलाएगा। इसी दलील के आधार पर अदालत ने आरोपी से लिखित आश्वासन लिया और सशर्त जमानत मंजूर कर दी। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत में दलील दी कि आरोपी ने प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से झूठे तथ्यों वाला वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था। सरकारी पक्ष ने आशंका जताई कि अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया तो वह दोबारा इंटरनेट मीडिया के जरिए ऐसी भ्रामक सामग्री फैला सकता है। इसी आधार पर जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की गई। आरोपी ने कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की आरोपी के वकील अभय जोशी ने अदालत में कहा कि सिद्दीकी को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी तीन महीने से ज्यादा समय से न्यायिक हिरासत में है। बचाव पक्ष ने कहा कि सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। उसने केवल इंटरनेट मीडिया पर वीडियो साझा किया था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘ग्रोख’ से पूछा था कि वीडियो असली है या नहीं। वकील ने दलील दी कि इसी पोस्ट के आधार पर पुलिस ने सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-26 थाने में दर्ज एफआईआर यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 19 अप्रैल को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक सबसे पहले लेखिका मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा यह भ्रामक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि, पुलिस अभी तक मधु किश्वर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी की ओर से साझा की गई एक पोस्ट के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी भूमिका की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने 25 अप्रैल को तेलंगाना से हसन सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे चंडीगढ़ लाया गया और बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया। दो बार पहले खारिज हो चुकी जमानत हसन सिद्दीकी की इससे पहले दो बार जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। पिछले महीने पुलिस ने मामले में जिला अदालत के सामने चालान भी पेश कर दिया था। चालान पेश होने के बाद आरोपी ने तीसरी बार जमानत के लिए अदालत का रुख किया। इस बार अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उसकी जमानत मंजूर कर दी। 25 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद हसन सिद्दीकी 107 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहा। अब अदालत ने उसे सशर्त जमानत दे दी है। हालांकि, मामले की सुनवाई पूरी होने तक उसके एक्स अकाउंट के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।



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