राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के 14वें संस्करण में इस बार 90 के दशक की चर्चित बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। राजस्थान में क्षेत्रीय सिनेमा, लोक संस्कृति और कला को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले
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राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के लिए ममता कुलकर्णी का चयन किया गया है। 90 के दशक में उन्होंने हिंदी सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय के साथ-साथ अपने अलग स्क्रीन प्रेजेंस के लिए भी दर्शकों के बीच पहचान बनाई। फेस्टिवल के मंच पर उन्हें उनके फिल्मी योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के लिए ममता कुलकर्णी का चयन किया गया
90 के दशक में बनाई खास पहचान
ममता कुलकर्णी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1991 में तमिल फिल्म ‘नानबर्गल’ से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी सहित कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘तिरंगा’ (1993), ‘आशिक आवारा’ (1993), ‘वक्त हमारा है’ (1993), ‘क्रांतिवीर’ (1994), ‘करन अर्जुन’ (1995), ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ (1995), ‘घातक’ (1996), ‘चाइना गेट’ (1998) और ‘छिपा रुसूम’ (2001) जैसी फिल्में शामिल हैं। ‘तिरंगा’ में उनके अभिनय के बाद उन्हें लगातार बड़े बैनर और चर्चित कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। ममता कुलकर्णी को ‘आशिक आवारा’ में उनके प्रदर्शन के लिए 1994 में फिल्मफेयर के लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर सम्मान से नवाजा गया था।

ममता कुलकर्णी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1991 में तमिल फिल्म ‘नानबर्गल’ से की थी।
देशभर के दिग्गजों को मिल चुका है लाइफटाइम
राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की ओर से पिछले वर्षों में फिल्म, संगीत और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जा चुका है। इनमें पंडित विश्वमोहन भट्ट, शक्ति कपूर, संजय मिश्रा, गुलशन ग्रोवर, उस्ताद अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन और दिलीप सेन सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मंच
आरएफएफ के प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन के फेस्टिवल से पहले स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है। इनमें इंटर-स्कूल और कॉलेज डांस, फैशन और कुकिंग प्रतियोगिताओं के फाइनल राउंड शामिल हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी इनमें हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इन प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को मंच देने के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
2013 से क्षेत्रीय सिनेमा को मंच दे रहा आरएफएफ
राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत वर्ष 2013 में जयपुर से हुई थी। इसका उद्देश्य राजस्थान की राजस्थानी फिल्मों के साथ-साथ देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्रीय फिल्मों, कलाकारों, फिल्मकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाता है। फेस्टिवल की शुरुआत कन्चन कैसेट्स एंड सीरीज (के-सीरीज) की संस्थापक संजना शर्मा की पहल से हुई। फिल्मों और पुरस्कारों के साथ समारोह में संगीत, नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और टॉक शो भी आयोजित किए जाते हैं।
