राजस्थान में अब शहरों की सरकार के मुखिया चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर निगमों में मेयर, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में सभापति-अध्यक्ष पद के लिए बुधवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन होंगे। अब तक 24 उम्मीदवारों ने नगर पालिकाओं और एक ने नगर परिषद के लिए
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मेयर समेत निकाय प्रमुखों के चुनाव में अब पार्षदों के बीच राजनीतिक समीकरण अहम होंगे। खासकर जिन निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
प्रदेश के 7 नगर निगमों में मेयर चुनाव तक बीजेपी-कांग्रेस ने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के वार्डों में रिपोलिंग के कारण मेयर चुनाव बाद में होंगे।
जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा में भाजपा को बहुमत है। बीकानेर में कांग्रेस को बहुमत है। पाली, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर में निर्दलीय किंगमेकर होंगे। पाली व अजमेर में कांग्रेस और अलवर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। भरतपुर में निर्दलीय आगे हैं।
जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका के कुल 10 बूथों पर आज सुबह 7 बजे से रिपोलिंग हो रही है। 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती होगी।






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