राजस्थान में निकाय चुनाव का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर दावेदारी और खींचतान तेज होने लगी है। इसी बीच कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जयपुर में निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेक
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खाचरियावास ने साफ कहा है कि इस बार टिकट उन्हीं कार्यकर्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया है। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले, गड़बड़ी करने वाले या चुनाव के समय एक्टिव नहीं रहने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा।
दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में खाचरियावास ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ काम किया या चुनाव के समय सक्रिय नहीं रहे, उन्हें अब निकाय चुनाव में टिकट मिलने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में किसी बड़े नेता की सिफारिश या व्यक्तिगत पहुंच काम नहीं आएगी। पार्टी के प्रति निष्ठा और चुनाव के दौरान किए गए काम को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

लोकसभा चुनाव में बदमाशी करने वालों को किसी कीमत पर टिकट नही
खाचरियावास ने कहा कि जो लोग लोकसभा चुनाव में ज्यादा स्याणे बनकर बदमाशी कर रहे थे, या फिर वे लोग जो एक्टिव नहीं थे या चुपचाप घर पर बैठ गए थे, अगर ऐसे कांग्रेसी उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें टिकट मिल जाएगा तो मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि उन्हें किसी भी कीमत पर टिकट नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए देश का सबसे बड़ा पार्लियामेंट का चुनाव है। ऐसे में जिस व्यक्ति ने उसी चुनाव में बेईमानी या गड़बड़ी की हो, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाचरियावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के साथ ईमानदार नहीं रहने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को निकाय चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा।
मैंने खुद जयपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा, मुझे हालात पता हैं
पूर्व मंत्री ने कहा कि मैंने खुद जयपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा है, इसलिए उस दौरान पार्टी के अंदर और मैदान में बने हालात को मैं अच्छी तरह जानता हूं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किसने पार्टी के लिए काम किया और किसने पार्टी के खिलाफ गतिविधियां की, इसका मुझे पूरा अंदाजा है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को यह गलतफहमी है कि वह किसी बड़े नेता से मिलेगा या फिर किसी की सिफारिश से उसे टिकट मिल जाएगा, तो ऐसा नहीं होगा। जिन लोगों ने उस वक्त बदमाशी की है, आठों विधानसभा के ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर निकाय चुनाव में टिकट नहीं दिए जाएंगे।
जयपुर की आठों विधानसभा पर खाचरियावास की नजर
खाचरियावास ने जयपुर शहर की आठों विधानसभा सीटों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे सभी को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कौन कार्यकर्ता सक्रिय था और कौन पार्टी के लिए काम नहीं कर रहा था, इसकी जानकारी उन्हें है।
उन्होंने कहा कि जयपुर शहर की आठों विधानसभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मैं बहुत अच्छे से जानता हूं। मुझे पता है उस वक्त कौन काम कर रहे थे और कौन बदमाशी कर रहे थे। इसलिए इस बार सिर्फ उन्हीं लोगों को टिकट मिलेगा, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया था।

पैनल में नाम आया, तो भी रोकूंगा
खाचरियावास ने टिकट चयन की प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम पैनल में भी आता है तो भी मैं उसे रोकूंगा। यहां धक्के खाते हुए इतने साल हो गए हैं। आठों विधानसभा में काफी लोग ऐसे थे, जिन्होंने पार्लियामेंट चुनाव में गड़बड़ी की थी, कांग्रेस पार्टी के खिलाफ काम किया था। उन्हें किसी भी सूरत में टिकट नहीं दिया जाएगा।
टिकट के लिए निष्ठा और सक्रियता होगी सबसे बड़ा आधार
खाचरियावास ने कहा कि निकाय चुनाव में टिकट वितरण के दौरान केवल दावेदारी या किसी नेता की सिफारिश को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी के लिए हर समय और हर मोड़ पर ईमानदारी से खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को ही चुनाव मैदान में उतारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टिकट सिर्फ उन्हें ही मिलेगा जिन्होंने पार्टी के लिए हर वक्त, हर मोड़ पर ईमानदारी से काम किया हो।
निकाय चुनाव से पहले खाचरियावास के इस बयान को जयपुर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान से संकेत मिल रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट की दौड़ में प्राथमिकता मिल सकती है, जबकि चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे या पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे नेताओं की दावेदारी पर संकट आ सकता है। ऐसे में निकाय चुनाव के टिकट वितरण से पहले कांग्रेस के भीतर सियासी समीकरण और गुटबाजी दोनों तेज होने के आसार हैं।
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