गुलजार सिंह ने सुसाइड से पहले वीडियो बनाया था। वहीं अंतिम संस्कार के दौरान चिता की पुलिस ने इस तरह से घेराबंदी कर रखी थी।
संगरूर में गुलजार सिंह सुसाइड केस में परिवार ने प्रशासन पर जबरन अंतिम संस्कार करवाने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी का आश्वासन देने के बाद अंतिम संस्कार करवाया था।
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अब गुलजार सिंह की पत्नी और तीनों बेटे सामने आए हैं। गुलजार सिंह के बड़े बेटे ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उसके छोटे भाई को गुमराह कर बयान लिए और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया।
लखविंदर ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासन ने धक्के से पिता संस्कार किया। हमें कहा कि नौकरी देंगे, लेकिन कुछ नहीं दिया। पांच थानों की पुलिस ने दबाव बनाया। सहमति के बिना संस्कार हुआ। डेडबॉडी को घर भी नहीं लाए। सीधा श्मशान घाट ले गए। मुंह भी देखने नहीं दिया। कपड़ा तक डालने नहीं दिया।
बेटे ने कहा कि पुलिस ने इतना धक्का किया। चीमा को अंदर जाना चाहिए। जिस-जिस का नाम वीडियो में लिया उसे अंदर जाना चाहिए। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक हम फूल चुनने और भोग डालने जैसी आगे की धार्मिक क्रियाएं नहीं करेंगे।

गुलजार सिंह की पत्नी और तीनों बेटे सामने आए, उन्होंने प्रशासन पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस बोली- मंत्री पर FIR हो पंजाब कांग्रेस ने X(पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा- भगवंत मान, अब आप क्या कहना चाहेंगे? कल आप कहते थे कि दोषियों को पकड़ लिया गया है और आप उन्हें फांसी तक ले जाएंगे, जबकि आपने और आपके प्रशासन ने परिवार की सहमति के बिना जबरन गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया।
अगर आप सचमुच आम आदमी को उतना ही महत्व देते हैं, जितना आपकी पार्टी का नाम दर्शाता है और खुद को आम आदमी मानते हैं, तो अपने मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा ले लीजिए, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के साथ बाकी सब खत्म हो जाएगा। गुलजार सिंह की मौत के लिए आप और आपकी सरकार जिम्मेदार हैं और कांग्रेस गुलजार सिंह को न्याय दिलाएगी।
कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिले इस मामले को लेकर पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी, गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर रंधावा समेत अन्य कांग्रेस नेता राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिले। पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि हम गुलजार सिंह के मामले में CBI जांच चाहते हैं। हरपाल चीमा का नाम FIR में शामिल किया जाए।
पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस मामले में सभी जिला प्रधानों से अपील की कि कल सभी जिलों में SP/SSP दफ्तरों का घेराव करें।
गुलजार सिंह सुसाइड केस..विस्तार से पढ़िए
- नशे का मुद्दा उठाने पर गुरुद्वारे से निकाला: मृतक की मां जसवंत कौर ने बताया कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में 6 सितंबर को कैबिनेट मंत्री की मीटिंग थी। गुलजार वहां इलाके में बिक रहे नशे की शिकायत लेकर गया था। उसने मंत्री के पैर छूकर कहा कि नशा बंद करवा दो, मेरा बेटा रोज नशा करता है। अगर नशा खत्म हो गया है, तो उसे कहां से मिल रहा है?” इस पर मंत्री चीमा ने उसे अपने पास भेजने को कहा।
- प्रधान ने मारे धक्के, मंत्री के सामने हुई बहस: जसवंत कौर का आरोप है कि गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सुक्खा कंडक्टर ने गुलजार पर नशा करने का आरोप लगाया और उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस बात को लेकर मंत्री के सामने ही काफी बहस हुई।
- पुलिस घर छोड़ गई, फिर पंचायत ने डराया: घटना के बाद पुलिस गुलजार को अपनी गाड़ी में ले गई और कुछ देर बाद घर छोड़ गई। आरोप है कि मीटिंग खत्म होते ही पंचायत सदस्यों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। सरपंच ने गुलजार की पत्नी को फोन कर कहा कि उसने ठीक नहीं किया, उसे माफी मांगनी पड़ेगी।
- मुंह काला करके माफी मंगवाने की दी धमकी: गुलजार की भाभी ने बताया कि आरोपी उनके घर आए और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि वे गुलजार का मुंह काला करके पूरे गांव में घुमाएंगे और माफी मंगवाएंगे। इसी बेइज्जती और डर के माहौल के कारण गुलजार दबाव में आ गया।
- डिप्टी साहब के नाम से दबाव बनाया: मां जसवंत कौर के मुताबिक, आरोपी दोबारा घर आए और कहा कि ‘डिप्टी साहब’ ने गुलजार को बुलाया है। जब परिवार ने साथ जाने की बात कही तो वे टालमटोल करने लगे। गुलजार को जब पता चला कि उस पर मुंह काला करके माफी मांगने का दबाव बनाया जा रहा है, तो वह दिड़बा चला गया और वहां 7 सितंबर को जहरीली चीज निगल ली।

श्मशान घाट में पुलिस शव को चिता पर रखने लगी तो लोगों ने विरोध किया और चिता की लकड़ियां फेंक दी थी।
वीडियो में कहा- मैं चिट्टा की बात करने गया था मरने से पहले का गुलजार सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जब वो खड़ा है और उसे किसी ने पकड़ा है। तब तक वो सल्फास निगल चुका था। उस वीडियो में भी वह कुछ लोगों के नाम ले रहा है और कह रहा है कि मैं वहां चिट्टे की बात करने गया था। गुलजार कह रहा है कि मैंने अपनी जीवनलीला चिट्टे के लिए खत्म कर दी। उसके बाद दूसरा व्यक्ति कहता है कि इसे दवाई दिलाने ले जाओ।
चीमा, सरपंच व अन्य को ठहराया जिम्मेदार गुलजार सिंह को इलाज के लिए संगरूर, पटियाला व लुधियाना लाया गया। इसी दौरान का भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने चीमा, सरपंच, उसके पति व कुछ अन्य लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। बाद में उसकी डीएमसी में मौत हो गई।
संस्कार के वक्त चिता की लकड़ियां फेंकी संगरूर में पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस गुलजार के शव को लेकर श्मशान घाट पहुंची। श्मशान घाट में पुलिस शव को चिता पर रखने लगी तो लोगों ने विरोध किया और चिता की लकड़ियां फेंक दी। लंबी जद्दोजहद के बाद उसके बेटे का बयान आया और फिर संस्कार हुआ।
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संगरूर में तूर बंजारा के जिस मजदूर गुलजार सिंह ने पंजाब के मंत्री का नाम लेकर सुसाइड किया, अब उस पर कांग्रेस और AAP में वार-पलटवार शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार शाम करीब 6 बजे सोशल मीडिया (X) पर दोबारा पोस्ट डालकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। (पढ़ें पूरी खबर)
