सीकर में प्रेग्नेंट महिला प्रियंका कवंर की हत्या के मामले में 22 घंटे बाद आखिरकार धरना खत्म हो गया है। प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का आश
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इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शनिवार दोपहर को धरना समाप्त कर दिया, जबकि पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
21 लाख रुपए की मदद और फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
धरना खत्म होने से पहले प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच कई दौर की वार्ता हुई। समझौता वार्ता में 21 लाख रुपए की आर्थिक मदद करने की घोषणा हुई है।
सरवड़ी के निवर्तमान सरपंच रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि इस रकम की मृतका के 3 वर्षीय बेटे के नाम FD कराई जाएगी। इसके अलावा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर) नियुक्त करने और निष्पक्ष व जल्द जांच का आश्वासन दिया गया है।

सीकर में प्रेग्नेंट महिला प्रियंका कवंर की हत्या के मामले में 22 घंटे बाद आखिरकार धरना खत्म हो गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम फ्री करेगी पीड़ित पक्ष की पैरवी
उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष की पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम फ्री पैरवी करेगी। वहीं, धोद बार एसोसिएशन ने आरोपी की तरफ से केस ना लड़ने का फैसला लिया है।
धरनास्थल पर धोद की एक प्राइवेट स्कूल के डायरेक्टर शिवराज सिंह ने मृतका के 3 वर्षीय बेटे की पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक की पूरी शिक्षा, हॉस्टल और अन्य सभी खर्चों को फ्री करने की घोषणा की है।

एसएमएस अस्पताल में 30 जुलाई(गुरुवार) को गंभीर हालत में प्रियंका ने दम तोड़ दिया था।
सरकारी बजट से दिलाई जाएगी 21 लाख रुपए की राशि
धोद विधायक गोवर्धन वर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार को जनसहयोग और सरकारी बजट से कुल 21 लाख रुपए दिलाई जाएगी। जिला प्रशासन ने मौके पर ही 2.5 लाख रुपए मदद के लिए दिए।
SDM राहुल मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस मामले में निष्पक्ष और तेजी से जांच करेगी, ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
10 सूत्रीय मांगों पर सहमति के बाद धरना समाप्त
संघर्ष समिति के प्रतिनिधि एडवोकेट हनुमान सिंह पालवास और प्रशासक रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि न्याय और पुनर्वास को लेकर रखी गई 10 सूत्रीय मांगों पर मांगों पर सहमति बन गई है। सहमति वार्ता में धोद विधायक गोरधन वर्मा, डॉ. बलवंत सिंह चिराना, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष निकिता राठौड़, अमर सिंह कर्णावत आदि शामिल थे।
अब 3 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला
- 28 जुलाई को धोद थाना इलाके के सरवड़ी गांव में 6 महीने की गर्भवती प्रियंका (25) अपने 3 साल के बेटे के साथ घर पर थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला सुरेश सैनी वहां आया और उसने चाकू से प्रियंका का गला काट दिया। आरोपी ने महिला के हाथ और पैरों पर भी चाकू से हमला किया।हमले के बाद प्रियंका के शरीर से काफी खून बह चुका था। एसके अस्पताल में उसे जो खून चढ़ाया जा रहा था, वह भी घावों से लगातार बाहर निकल रहा था। बहुत ज्यादा खून बहने के कारण उसके गर्भ में पल रहे 6 महीने के बच्चे की मौत हो गई।
- 29 जुलाई की दोपहर प्रियंका को गंभीर हालत में जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया था। इस घटना के विरोध में मंगलवार रात से ही ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धोद थाने के बाहर धरना दिया, जो बुधवार को आरोपी को हिरासत में लेने के बाद समाप्त हुआ।
- वहीं एसएमएस अस्पताल में 30 जुलाई(गुरुवार) को गंभीर हालत में प्रियंका ने दम तोड़ दिया था। जिसके बाद से परिजनों का फिर से धरना चल रहा था, जो करीब 22 घंटे बाद समाप्त हो गया।
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