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सूरजपुर जिले के खड़गवां में एक ग्रामीण से साढ़े तीन लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी और SECL का अधिकारी बताया। इसके बाद ग्रामीण को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।
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मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला खड़गवां चौकी क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, खड़गवां के माझापारा के ललित राम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह मई में पेंट-पुट्टी का काम करने सूरजपुर गया था।
वहां बिरयानी दुकान चलाने वाले राशिद खान ने उसे मिश्रागली के निलेश पाल के बारे में बताया। राशिद ने कहा कि निलेश की अच्छी पहुंच है और वह नौकरी लगवा सकता है। उसने यह भी बताया कि उसने खुद निलेश को नौकरी लगवाने के लिए 50 हजार रुपए दिए हैं।
खुद को पुलिसकर्मी बताकर ली राशि
निलेश पाल ने ललित राम को बताया कि विश्रामपुर एसईसीएल में चपरासी की नौकरी लगवा देगा। उसने 50 हजार रुपए की मांग की। निलेश पाल ने खुद को पुलिस का हेड कॉस्टेबल बताया और कहा कि धोखाधड़ी करके वह अपनी नौकरी नहीं गवांएगा।
निलेश पाल ने बताया कि खुशबू पाल को विश्रामपुर कालरी का सब एरिया मैनेजर और एक अन्य आरोपी हेमन्त मिश्रा को डीईओ का बेटा बताया। निलेश पाल के कहने पर उसने 50 हजार रुपए दे दिया।
बाद में निलेश पाल ने ललित राम को बताया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर की एक नौकरी खाली है। ललित ने बताया कि वह सिर्फ आठवीं तक पढ़ा है। इस पर निलेश ने कहा कि उसकी पत्नी प्रिंसिपल है और वह 10वीं और 12वीं का रिजल्ट बनवा देगी। इसके लिए 1.50 लाख रुपए देने होंगे।
इसके बाद निलेश, उसकी पत्नी और राशिद खान ने मिलकर ललित राम से अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 55 हजार रुपए ले लिए।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर साढ़े 3 लाख की ठगी
23 जून 2026 को निलेश पाल ने ललित राम को विश्रामपुर के अंबेडकर चौक पर बुलाया। यहां उसने ललित को नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद आरोपियों ने बिलासपुर में साइन कराने के नाम पर उससे डेढ़ लाख रुपए और मांगे।
इस पर ललित को शक हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे। लेकिन निलेश पाल पैसे लौटाने में लगातार टालमटोल करता रहा।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी निलेश पाल (38), निवासी सरभोका, जिला एमसीबी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में निलेश ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
