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TMC Split Reason: BJP NCPI Strategy


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म हुए एक महीना भी नहीं बीता था। BJP जीत का जश्न मना रही थी। TMC हार के बाद अपने विधायकों और सांसदों को संभालने में जुटी थी। बाहर से सब सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदर टूट शुरू हो चुकी थी। 3 जून को पहले TMC के 58 विधा

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TMC छोड़कर सभी सांसद जिस नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े, उसकी बंगाल की सियासत में चर्चा तक नहीं। अब सवाल ये था कि TMC टूटी या तोड़ी गई। आखिर इसके पीछे कौन है? TMC छोड़कर सांसद जिस NCPI में गए, उसका क्या वजूद है।

14 जून की फोटो, जब TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का लेटर सौंपा था।

14 जून की फोटो, जब TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का लेटर सौंपा था।

2024 के एक लेटर से शुरू हुआ बंगाल प्लान…

TMC के टूट के अंदर की कहानी जानने के लिए हमने NCPI के संस्थापक उत्तिया कुंडू से संपर्क किया। पहले व्यस्तता का हवाला देकर बातचीत टालते रहे। फिर बोले- पहले सब निपट जाने दें, तब बात करेंगे। हम करीब डेढ़ महीने लगातार कुंडू के संपर्क में रहे और आखिरकार उनसे बात हुई। पढ़िए पूरी बातचीत…

सवाल: TMC सांसदों के मर्जर के लिए आपको किसने अप्रोच किया? जवाब: कोई किया था, वो बात छोड़ दीजिए। (फिर बोले) सबसे पहले शुभेंदु मिले थे। उनके साथ और भी लोग थे, जिन्होंने अप्रोच किया। कुछ TMC वाले भी थे। शुभेंदु भी पहले TMC में ही थे न।

सवाल: दिल्ली से भी बात हुई, वहां से किसने संपर्क किया था? जवाब: हां, दोनों तरफ से ही हुई। दिल्ली वाले, जिसने BJP को बंगाल जिताया।

सवाल: गृहमंत्री अमित शाह से आमने-सामने मुलाकात हुई या फोन पर बात हुई? जवाब: आमने सामने नहीं, फोन पर बात हुई। मुलाकात तो बंगाल वालों से ही हुई।

सवाल: शुभेंदु अधिकारी से कब मिले? जवाब: बंगाल चुनाव का नतीजा आने के 4-5 दिन बाद।

सवाल: तब लगा था क्या कि आपकी पार्टी के साथ उनका कुछ संबंध बनेगा? जवाब: संबंध तो दिसंबर 2024 में ही बन चुका था। तब मैंने समर्थन देने और NDA का हिस्सा बनने के लिए BJP हेडक्वार्टर को लेटर लिखा था।

सवाल: फिर आपकी पार्टी NDA में शामिल क्यों नहीं हुई? जवाब: हम NDA की समर्थक पार्टी 2024 में ही बन चुके थे, लेकिन तब तक हमारा कोई सांसद, विधायक नहीं था, इसलिए हिस्सा नहीं बन सके।

सवाल: अब आपके पास 20 सांसद हैं, लिखा-पढ़ी में कब उनका हिस्सा बनेंगे? जवाब: हां, अब तो हैं। इसी महीने के आखिर में NCPI आधिकारिक तौर पर NDA का हिस्सा हो जाएगी। आधिकारिक इसलिए कह रहा क्योंकि मन से 2024 में BJP का हिस्सा बन गया था।

सवाल: BJP ने कब अप्रोच किया, TMC के टूटने के बाद या चुनाव से पहले? जवाब: ये बात सस्पेंस रहे तो अच्छा है। (बार-बार पूछने पर धीरे से बोले) चुनाव नतीजा आने के 3-4 दिन बाद। तब TMC विधायकों और सांसदों को लेकर सब कुछ अंदर-अंदर चल रहा था। पार्टी टूटी नहीं थी, लेकिन गड़बड़ चल रही थी।

सवाल: तब आपसे TMC सांसदों के विलय को लेकर क्या कुछ बात हुई थी? जवाब: छोड़िए, ये सब रहने दीजिए।

सवाल: आपकी पार्टी ने BJP की जरूरत के वक्त मदद की, पार्टी ने कुछ तो भरोसा दिया होगा? जवाब: ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमने उन्हें प्लेटफॉर्म दिया और उन्होंने हमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम पति-पत्नी कुछ रोजगार करते हैं। हमने पार्टी जरूर खड़ी कर ली थी, लेकिन इतना फंड नहीं कि हम चुनाव लड़ सकें। अब हमारे पास 20 सांसद हैं, BJP जैसी बड़ी पार्टी है। सब मिलकर मदद करेंगे।

हमारी पार्टी के लिए ये मर्जर फलदायक रहा। आज हमारी पार्टी की कोर कमेटी में शामिल लोग NCPI के मेंबर हैं, TMC के नहीं। इसलिए पार्टी आज भी हमारी है। अगर हम पार्टी बेचते तो पैसा लेते, लेकिन हमने उन्हें बस अपनी पार्टी में जगह दी है।

सवाल: मर्जर के बाद कोई बातचीत हुई? जवाब: हमारे अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी एक बार दिल्ली से होकर आए हैं। उन्हें फिर जाना है। पहले मुझे भी जाना था, लेकिन यहां एक लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीट पर BJP को जिताने की जिम्मेदारी है। आगे की प्लानिंग के लिए चुनाव के बाद दिल्ली जाऊंगा।

सवाल: बंगाल में आपकी पार्टी की भूमिका पर कोई बात हुई? जवाब: जब दोनों पार्टी एक हो गई हैं, तो भूमिका वही होगी, जो BJP की है।

सवाल: आपकी पार्टी में TMC विधायकों का भी विलय होगा क्या? जवाब: हो सकता है। देखते हैं, आगे क्या होता है।

सवाल: TMC सांसदों के विलय के बाद आपकी पार्टी के महासचिव समेत 3-4 लोगों ने पार्टी छोड़ी? जवाब: मेरी पत्नी श्योलि कुंडू के पास बहुत काम है। वो वकील भी हैं। उनके पास बहुत केस हैं, इसलिए उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़कर महिला विंग जॉइन कर ली। बाकी महासचिव का पहले से विवाद चल रहा था। उसने हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाया था।

सवाल: क्या TMC से आया कोई नया नेता अध्यक्ष बन सकता है? जवाब: ये कोर कमेटी तय करेगी कि कौन अध्यक्ष होगा। TMC सांसदों में से भी कोई अध्यक्ष बन सकता है। अब तो हमारी पार्टी और BJP दोनों मिलकर फैसला लेते हैं।

सवाल: अभी तो अध्यक्ष की जगह आपकी पार्टी के सदस्य ने ली है। TMC का कोई सांसद अब तक पार्टी के किसी पद पर नहीं है? जवाब: अभी मेरे दोस्त ज्योति पार्टी के अध्यक्ष हैं। मैंने कहा न TMC के सांसद हमारी पार्टी में शामिल हुए हैं, लेकिन कोर कमेटी तो हमारे पार्टी के सदस्यों की ही है। लिहाजा पद भी हमारी पार्टी के सदस्यों को मिलेगा। आगे ये बदल सकता है, लेकिन पार्टी तो NCPI ही रहेगी न।

क्या BJP की जीत के बाद भी TMC का टूटना तय था

ये सवाल हमने बंगाल में 2 महीने चुनाव कराकर लौटे पार्टी लीडर से पूछा तो जवाब मिला, ‘हमने बंगाल में हाईप्रोफाइल सीट का मैनेजमेंट देखा। उसके लिए मारपीट, गालीगलौज और न जाने क्या क्या सहन किया। इससे पहले भी कई राज्यों में चुनाव करवाने गए, लेकिन ऐसा कभी नहीं लगा कि अब बस कनपटी के पास से गोली निकलेगी। बंगाल में हर वक्त जान का खतरा रहता। वहां तभी से चर्चा होने लगी थी कि TMC का अस्तित्व खत्म करके ही BJP जड़ें जमा पाएगी।‘

क्या टूट का प्लान पहले से तय था? जवाब मिला, ‘हां, ये तो बंगाल का कैरेक्टर है। लेफ्ट जब पूरी तरह साफ हुआ, तभी TMC जम सकी। बिना TMC को साफ किए BJP का जमना मुमकिन ही नहीं था।‘

क्या NCPI को पहले से प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया जा रहा था? BJP लीडर कहते हैं, ‘पता नहीं, क्योंकि रिजल्ट निकलने के बाद हम वापस आ गए थे। ये नाम तो हमने सुना भी नहीं था।‘

कैसे 3 साल पुरानी पार्टी को बिना चुनाव मिले 20 सांसद

29 जनवरी को त्रिपुरा में चुनाव था। NCPI सिर्फ तीन कैंडिडेट ही खड़े कर सकी। तीनों की जमानत जब्त हो गई। कार्यकारी अध्यक्ष उत्तिया कुंडू का दावा है कि उनकी पार्टी के 36 मोर्चे और 20 लाख सदस्य हैं। हालांकि ये डेटा पार्टी की वेबसाइट पर नहीं है।

उत्तिया कहते हैं, ‘फंड की कमी की वजह से पार्टी बंगाल में चुनाव नहीं लड़ सकी। अब हमारे पास 20 सांसद हैं। 14 जून के बाद हमारी पार्टी बहुत मजबूत हो गई है।‘

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