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TRAI MyCall App Launch | Rate Call Quality & Improve Telecom Services


15 मिनट पहले

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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने 3 अगस्त को अपने ‘TRAI MyCall’ मोबाइल एप्लिकेशन का नया और बेहतर वर्जन लॉन्च किया है। इस एप के जरिए टेलीकॉम उपभोक्ता अपनी वॉयस कॉलिंग के अनुभव को सीधे रेट कर सकेंगे और उसकी रिपोर्ट दे सकेंगे। रेगुलेटर का मकसद उपभोक्ता फीडबैक को तकनीकी नेटवर्क डेटा के साथ जोड़कर सर्विस क्वालिटी का बेहतर आकलन करके इसे और बेहतर बनाना है।

क्या है TRAI MyCall एप?

MyCall एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को वॉयस कॉल पर रियल-टाइम फीडबैक देने की सुविधा देता है। इसके साथ ही यूजर कॉल से जुड़े नेटवर्क पैरामीटर्स की जानकारी भी साझा कर सकते हैं।

यह फीडबैक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स यानी TSPs और TRAI को दिखाई देता है। इससे ऑपरेटर्स को यह समझने में मदद मिलती है कि नेटवर्क परफॉर्मेंस में कहां सुधार की जरूरत है। साथ ही, रेगुलेटर को क्वालिटी ऑफ एक्सपीरियंस यानी QoE का आकलन करने के लिए एक ठोस आधार मिलता है।

एप के नए फीचर्स: 1 से 5 स्टार रेटिंग और स्पेसिफिक दिक्कतों की रिपोर्टिंग

लॉन्च किए गए नए ऐप में यूजर्स को कई खास सुविधाएं दी गई हैं:

इंसटेंट रेटिंग: यूजर कॉल खत्म होने के बाद 1 से 5 स्टार स्केल पर अपना कॉलिंग एक्सपीरियंस रेटिंग के रूप में दे सकते हैं।

समस्याओं की रिपोर्टिंग: अगर यूजर को कॉल ड्रॉप, आवाज में देरी, आवाज गूंजना , एकतरफा आवाज आना , क्रॉस-कनेक्शन या कॉल कनेक्ट होने में देरी जैसी समस्या आती है, तो वह सीधे इसकी रिपोर्ट ऐप पर कर सकता है।

सीधे ऑपरेटर तक पहुंचेगी शिकायत: एप से मिलने वाला डेटा (जो कि बिना पहचान उजागर किए शेयर होता है) संबंधित टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर यानी TSP और TRAI दोनों को दिखेगा। इससे ऑपरेटरों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नेटवर्क सुधारने की जरूरत कहां है।

उपभोक्ताओं की भागीदारी जरूरी: चेयरमैन

लॉन्चिंग के मौके पर TRAI चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि हर टेलीकॉम उपभोक्ता नेटवर्क क्वालिटी का अनुभव खुद करता है। यह एप उपभोक्ताओं को अपनी राय साझा करने के लिए सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि यह डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स को नेटवर्क की कमियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद करेगा। लाहोटी ने मोबाइल यूजर्स से ऐप डाउनलोड करने और नियमित रूप से फीडबैक देने की अपील की।

क्या यह अनिवार्य है?

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चेयरमैन ने साफ किया कि इस ऐप का इस्तेमाल पूरी तरह से स्वैच्छिक है। TRAI की इसे फोन कॉलिंग एप्स में जोड़ने या अनिवार्य बनाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेटर्स के खिलाफ कार्रवाई केवल ऐप के फीडबैक पर आधारित नहीं होगी, बल्कि यह TRAI के नेटवर्क मॉनिटरिंग और ड्राइव टेस्ट के तकनीकी मानकों पर ही निर्भर करेगी।

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