वाराणसी8 मिनट पहले
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दालमंडी गली का आज होगा भूमि पूजन। शुरू होगा निर्माण कार्य।
वाराणसी में सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट दालमंडी चौड़ीकरण का आज भूमि पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही दालमंडी में सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य की कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी है। जो अगले तीन महीने में सड़क निर्माण कर जनता को सौंप देगी। बता दें की दालमंडी चौड़ीकरण में जद में आये 181 मकानों में से अभी तक 150 मकानों को जमींदोज किया जा चुका है और बाकी पर काम चल रहा है।
इसके अलावा जद में आयीं 6 मस्जिदों के भी उन हिस्सों को हटा लिया गया है जो चौड़ीकरण के जद में आये हैं। जिसके बाद आज सुबह 9 बजे से चौक थाने के बगल में स्थित जगह पर दालमंडी का भूमि पूजन किया जाएगा। यह भूमि पूजन स्थानीय विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी करेंगे।
यह सड़क मॉडल सड़क के रुप में विकसित की जाएगी और 17.5 मीटर इसे चौड़ा किया जाएगा।
देखिये अभी तक हुई बड़ी कार्रवाई की तस्वीरें…

दालमंडी में 29 अक्टूबर को राकेश स्टूडियो से शुरू हुआ था ध्वस्तीकरण का अभियान।

भारी पुलिस फोर्स के साथ दालमंडी में जुलाई 2026 तक चला ध्वस्तीकरण का काम।

जेसीबी और पोकलैंड मशीन से किया गया ध्वस्तीकरण।
जानिए दालमंडी में अभी तक क्या-क्या हुआ और यह सड़क कैसी होगी ?…
22 जुलाई 2025 को कैबिनेट ने दी मंजूरी
दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट जो योगी कैबिनेट की 22 जुलाई को हुई बैठक में पेश किया गया। इसपर सभी ने एक स्वर में इसपर अपनी सहमित जताई। महाकुंभ के दौरान बाबा विश्वनाथ धाम में हुई श्रद्धालुओं की भीड़ को और उनकी असुविधा को देते हुए भविष्य में ऐसा न हो उसे देखते हुए इस परियोजना को स्वीकृत कर शासन को भेज दिया गया।

दालमंडी प्रोजेक्ट को योगी कैबिनेट ने 22 जुलाई 2025 को दी थी स्वीकृति।
शासनदेश के पहले से शुरू थी नापी की कार्रवाई
कैबिनेट में प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद से ही दालमंडी में मकानों की 23 जुलाई से पहली नापी शुरू कर दी गयी थी। इसके बाद सभी मकानों का इस्टीमेट और मुआवजा तय किया गया था। इसके बाद मकानों की रजिस्ट्री के पहले अंतिम नापी कर सभी मकानों पर लाल निशान लगाया गया था। जिसके बाद मकानों की रजिस्ट्री हुई और उन्हें तोड़ा गया।

दालमंडी में 23 जुलाई 2025 से शुरू हो गयी थी मकानों की नपाई।
25 जुलाई को लिखा शहर मुफ्ती में राष्ट्रपति को लेटर
वाराणसी की प्रसिद्ध दालमंडी गली के चौड़ीकरण की कवायद शुरू होते ही। इस प्रकरण में शहर मुफ्ती मौलाना बातिन नोमानी ने भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने इस ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक खुला पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा- दाल मंडी चौड़ीकरण से हजारों का रोजगार छिन जाएगा और लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
साथ ही 6 ऐतिहासिक मस्जिदें भी इसकी जद में आकर टूट जाएंगी जो की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा। ऐसे में सरकार को निर्देशित करें कि इस परियोजना को तत्काल प्रभाव से जनहित में रोका जाए।

शहर मुफ्ती मौलाना बातिन नोमानी ने लिखा था राष्ट्रपति को दालमंडी का चौड़ीकरण रोकने के ले लेटर।
31 जुलाई 2025 को जारी हुआ था शासनादेश
दालमंडी प्रोजेक्ट के अंतर्गत चौड़ीकरण का कार्य अब अंतिम चरण में है। दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट का शासनादेश प्रदेश सरकार ने 31 जुलाई 2025 को जारी किया था। इस दौरान 215.88 करोड़ का पुनरक्षित बजट भी मंजूर किया गया था। जिसमें सभी 181 मकान और 6 मस्जिदों की क्षतिपूर्ति के लिए 199 करोड़ का मुआवजा तय किया गया था। साथ ही एक सप्ताह बाद ही इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था। शासनादेश में इस 650 मीटर दालमंडी को 17.5 मीटर चौड़ा करने की बात कही गयी थी।

चौक थाने में दालमंडी प्रोजेक्ट के लिए पीडल्यूडी ने खोला था सितंबर 2025 में अपना कैंप कार्यालय।
25 सितंबर से खुला चौक थाने में पीडब्ल्यूडी का कैंप कार्यालय
शासन स्तर से दालमंडी के लोगों की समस्या के समाधान के लिए चौक थाने के अंदर कैंप कार्यालय PWD ने खोला। यहां जिम्मेदार अधिकारी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बैठते थे और स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनकी क्वेरी पर उन्हें जवाब देते थे। साथ ही उन्हें किस तरह से अपने कागजात और कौन से कागजात लेकर रजिस्ट्री के लिए आना है। वह भी बताया जाता था।

27 अक्टूबर 2025 से कैंप कार्यालय में ही शुरू हुई रजिस्ट्री।
27 अक्टूबर से कैंप कार्यालय से ही शुरू हुई रजिस्ट्री
पीडब्ल्यूडी कार्यालय के दूर होने और लोगों की दिक्कतों को देखते हुए। पीडब्ल्यूडी ने अपने कैंप कार्यालय से ही रजिस्ट्री करना शुरू कर दिया। यहां से लोगों ने रजिस्ट्री शुरू की। इसके पहले 5 लोग कार्यालय पहुंचकर रजिस्ट्री करवा चुके थे।
29 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
पीडब्ल्यूडी ने 25 सितंबर 2025 को दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए चौक थाने में अपना कैंप कार्यालय खोला ताकि दालमंडी के रहने वाले लोग आसानी से रजिस्ट्री करवा सकें। सभी चिह्नित 181 मकानों को इस संबंध में नोटिस दी गयी थी।
इसके बाद 17 अक्टूबर को नोटिस की मियाद समाप्त होने के बाद सभी के घरों पर लाल निशान पीडब्ल्यूडी ने नापी के बाद लगाया था। जिसके बाद 29 अक्टूबर को चौक थाने की तरफ से घुसते साथ स्थित राकेश स्टूडियों का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ था। यह दालमंडी में ध्वस्तीकरण की पहली कार्रवाई थी।

29 अक्टूबर को तोड़ा गया पहला मकान।
जनवरी 2026 में पहुंचा बुलडोजर
दालमंडी ध्वस्तीकरण में लगातार हथौड़े से कार्रवाई चलती रही। मकानों को विरोध के बीच पीडब्ल्यूडी, नगरनिगम और वीडीए की टीम ने ध्वस्तीकरण करवाया।जिनकी रजिस्ट्री हुई उन्हें मुआवजा भी दिया गया। इसके बाद जनवरी 2026 में पहली बार वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर एक्शन हुआ। जिसमें तीन मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इसके बाद लगातार बुलडोजर से कार्रवाई होती रही।

जनवरी 2026 में दालमंडी में पहली बार पहुंचा बुलडोजर। किया कर्रवाई।
युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, लगाईं दुकान में आग
वाराणसी की दालमंडी में प्रशासन ने 9 फरवरी 2026 को जर्जर 21 मकानों-दुकानों में से 18 को ढहा दिया। बुलडोजर और हथौड़े से मकानों-दुकानों को तोड़ा गया। इससे पहले एक व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। मकान के पहले फ्लोर पर खड़े होकर सुसाइड करने की चेतावनी देने लगा। यह देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारी उसे समझाने लगे।
नाराज व्यापारी ने कहा- हमारा मकान जर्जर नहीं है। प्रशासन बेवकूफ नहीं बना सकता। अगर मकान गिराया तो हमें मुआवजा चाहिए। ये लोग जर्जर बताकर मुआवजा देने से बचना चाहते हैं। यह कहते हुए उसने दुकान में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने मुश्किल से आग बुझाई।
कई अन्य लोगों ने भी बुलडोजर एक्शन का विरोध किया। वे प्रशासन के अधिकारियों से 10 दिन की मोहलत मांगते रहे। तमाम लोग रोते-बिलखते दिखे। इस दौरान हंगामा करने वाले 8 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

9 फरवरी को अपना मकान नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित करने पर नाराज मकान मालिक ने लगाईं आग।
8 जून 2026 को पहुंची पोकलैंड मशीन
दालमंडी में चौड़ीकरण की कार्रवाई को तेज करने के लिए पोकलैंड मशीन की इंट्री 8 जून को हुई। 9 जून को पहले दिन पोकलैंड गरजी और उसने 12 मकानों का ध्वस्तीकरण किया। इसके बाद पोकलैंड की मदद से सभी आधे-अधूरे तोड़े गए मकानों का ध्वस्तीकरण तेजी से किया गया। और उन मकानों को जमीदोज किया गया जिन्हे तोड़ने में दिक्कतें आ रही थीं।

8 जून को दालमंडी में पहुंची पोकलैंड मशीन।
तोड़ा गया पांच मस्जिदों का हिस्सा
दालमंडी में 181 मकानों के ध्वस्तीकरण के बाद प्रशासन ने मस्जिद कमेटियों से बातचीत की और एक साथ पांच मस्जिदों को क्षतिपूर्ति देते हुए पांचो मस्जिदों पर एक साथ चौड़ीकरण के जद में आ रहे हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया। एक सप्ताह चले इस कार्य में मस्जिदों के उन हिस्सों को हटाया गया। 1 जुलाई से शुरू हुआ यह काम एक सप्ताह तक हथौड़ी से चलता रहा।

दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आ रही 6 में से 5 मस्जिदों का हिस्सा 1 जुलाई को हटाया गया।
27 जुलाई को लंगड़े हाफिज मस्जिद में लगा हाथ
पूरी दालमंडी में नई सड़क की तरफ मौजूद मस्जिद खुदा बक्श उर्फ लंगड़े हाफिज का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। इसमें आपसी सहमति से चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को मस्जिद कमेटी ने अपने मजदूर लगाकर हटवाया। इसमें कुल 24 दुकानें भी धराशायी हुई। जो मस्जिद में बनाई गयी थीं।

दालमंडी में 27 जुलाई को आपसी सहमित के बाद लंगड़े हाफिज मस्जिद का भी चौड़ीकरण की जद में आ रहा हिस्सा तोड़ना शुरू किया गया।
अब जानिए क्या होगी दालमंडी में सुविधा?…
वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 181 भवन और 6 मस्जिदों की क्षतिपूर्ति के लिए उनको 150 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया है।

60 फुट चौड़ी होगी सड़क
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा।

215 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क
नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए।
पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। उनका भी जद में आ रहा हिस्सा हटाया गया है।
PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। मकानों का ध्वस्तीकरण कार्य पूरा हो गया है। दालमंडी से मलबा हटाया जा रहा है। आज भूमि पूजन के बाद दालमंडी में सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।


