4 जुलाई से ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में शुरू हुईं। उनका जनाजा तेहरान, कोम, नजफ और इराक के कर्बला शहर होते हुए 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगा, जहां उन्हें दफन किया जाएगा। इस दौरान 100 से ज्यादा देशों के नेता और 3 करोड़ से
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शिया मुसलमानों में मातम इतना अहम क्यों है, खामेनेई की हत्या को कर्बला की शहादत से क्यों जोड़ा जा रहा और इस बड़े जलसे के पीछे असली वजह क्या है; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी…













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ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और महेंद्र वर्मा
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दर्जनभर लोगों से गुजरकर मुजतबा तक पहुंचती है कोई चिट्ठी; पिता को कंधा देने पर सस्पेंस, क्या इजराइल वाकई मार देगा

ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। 100 से ज्यादा देशों के नेता पहुंच रहे हैं। काले कपड़ों में रोते-बिलखते लाखों ईरानी अपने ‘रहबर’ का आखिरी दीदार करना चाहते हैं। इन सबके बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गायब हैं। पिता के जनाजे को कंधा देंगे या नहीं, इस पर भी सस्पेंस है। पूरी खबर पढ़िए…
