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Wooden Furniture Monsoon Protection Guide; Dampness Signs


2 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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अगर बारिश का मौसम शुरू होते ही लकड़ी की अलमारी ठीक से बंद न हो, दराज चिपकने लगे या सोफे से सीलन की बदबू आने लगे, तो इसे सामान्य न समझें। ये संकेत हो सकते हैं कि आपके वुडेन (लकड़ी के) फर्नीचर पर नमी का असर शुरू हो गया है। समय रहते ध्यान न देने से फर्नीचर की चमक, मजबूती और उम्र, तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम मानसून में वुडेन फर्नीचर को सुरक्षित रखने के आसान उपायों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे-

  • बारिश का मौसम लकड़ी को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
  • वुडेन फर्नीचर में नमी के क्या संकेत हैं?

एक्सपर्ट: नीरज शर्मा, वुड एक्सपर्ट, भोपाल

सवाल- बारिश का मौसम वुडेन फर्नीचर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

जवाब- इसे सिलसिलेवार ढंग से पॉइंटर्स में समझिए-

  • बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। लकड़ी नमी को जल्दी सोखती है। इससे फर्नीचर फूलने, मुड़ने या कमजोर होने लगता है।
  • नमी से दरार और जॉइंट्स ढीले हो सकते हैं।
  • लंबे समय तक नमी रहने पर लकड़ी में फंगस और दीमक लगने का रिस्क बढ़ जाता है।
  • कई बार पॉलिश उतरने लगती है और लकड़ी की चमक फीकी पड़ जाती है।
  • अगर कमरे में वेंटिलेशन कम हो तो नुकसान का रिस्क ज्यादा होता है।

सवाल- वुडेन फर्नीचर में नमी के क्या संकेत हैं?

जवाब- वुडेन फर्नीचर में नमी आने पर कुछ सामान्य संकेत दिखाई देते हैं। इन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है, ताकि नुकसान से बचा जा सके। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए-

सवाल- वुडेन फर्नीचर को सेफ रखने के लिए मानसून से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए?

जवाब- मानसून से पहले वुडेन फर्नीचर की अच्छी तरह सफाई जरूरी है। इसके अलावा कुछ और बातों का ध्यान रखें-

  • कहीं पॉलिश उखड़ रही हो या दरार दिख रही हो तो रिपेयर कराएं।
  • वाटरप्रूफ पॉलिश या वैक्स कोटिंग करवाना बेहतर है। इससे नमी सीधे अंदर नहीं जाती है।
  • फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें, ताकि हवा पास होती रहे और सीलन न जमे।
  • कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। जरूरत हो तो डीह्यूमिडिफायर या सिलिका जेल यूज करें।
  • मानसून से पहले एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट करवाने से फर्नीचर लंबे समय तक सेफ रहता है।

सवाल- पॉलिश और कोटिंग बारिश के मौसम में वुडेन फर्नीचर को कैसे प्रोटेक्ट करती है?

जवाब- पॉइंटर्स में समझिए–

  • पॉलिश और कोटिंग फर्नीचर पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाती है, जिससे लकड़ी कम नमी सोखती है।
  • इससे लकड़ी के फूलने, दरार पड़ने और कमजोर होने का रिस्क कम होता है।
  • पॉलिश फर्नीचर को फंगस, दाग और सीलन से बचाने में मदद करती है।
  • वैक्स कोटिंग लकड़ी की चमक बनाए रखती है और लकड़ी की लाइफ बढ़ाती है।
  • वाटरप्रूफ कोटिंग सबसे सुरक्षित मानी जाती है।

सवाल- मानसून में वुडेन फर्नीचर को कैसे सेफ रखें?

जवाब- मानसून में वुडेन फर्नीचर को नमी और सीलन से बचाने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें, जैसेकि-

सवाल- वुडेन फर्नीचर की सफाई कैसे करें?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • वुडेन फर्नीचर की सफाई हमेशा सूखे या हल्के नम माइक्रोफाइबर कपड़े से करें।
  • ज्यादा गीला कपड़ा इस्तेमाल करने से लकड़ी नमी सोख सकती है।
  • हफ्ते में 2-3 बार डस्टिंग करें, ताकि सतह खराब न हो।
  • किसी भी हार्श केमिकल या डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें। इससे पॉलिश खराब हो सकती है।

सवाल- वुडेन फर्नीचर में फंगस लग जाए तो क्या करें?

जवाब- वुडेन फर्नीचर में फंगस दिखे तो उसे तुरंत साफ करना जरूरी है, ताकि नुकसान बढ़ने न पाए। साथ ही ग्राफिक में दी गई बातों का ध्यान रखें-

सवाल- वुडेन फर्नीचर को दीमक से कैसे बचाएं?

जवाब- सारी सावधानियां पॉइंटर्स में देखें-

  • सीलन और नमी दीमक का रिस्क बढ़ाती हैं, इसलिए फर्नीचर हमेशा साफ और सूखा रखें।
  • फर्नीचर की दरारों या कोनों की रेगुलर जांच करते रहें।
  • फर्नीचर को दीवार और गीली सतह से थोड़ा दूर रखें।
  • जमीन के सीधे संपर्क में न रखें।
  • समय-समय पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट कराते रहें।
  • नीम ऑयल से सफाई करें।
  • अगर लकड़ी से पाउडर गिरे, छोटे छेद दिखें या खोखली आवाज आए तो एक्सपर्ट की मदद लें।

सवाल- क्या वुडेन फर्नीचर को धूप में रखना सही है?

जवाब- वुडेन फर्नीचर को हल्की धूप दिखाना फायदेमंद है। इससे नमी और सीलन कम होती है। लेकिन लंबे समय तक तेज धूप में रखने से-

  • लकड़ी में क्रैक आ सकते हैं।
  • रंग फीका पड़ सकता है।
  • पॉलिश खराब हो सकती है।

इसलिए फर्नीचर को केवल कुछ समय के लिए ही हल्की धूप में रखना चाहिए।

सवाल- क्या वुडेन फर्नीचर को कवर करके रखना सही है?

जवाब- ये धूल और नमी से बचाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके लिए सही कवर चुनना जरूरी है क्योंकि-

  • प्लास्टिक का कवर लंबे समय तक लगाने से नमी अंदर फंस सकती है, जिससे फंगस का रिस्क बढ़ता है।
  • बेहतर है कि कॉटन या ब्रीदिंग फैब्रिक कवर यूज करें और समय-समय पर कवर हटाकर हवा लगने दें।
  • एकदम एयरटाइट कवर बिल्कुल न लगाएं।

सवाल- कौन सी लकड़ी मानसून में जल्दी खराब होती है?

जवाब- प्लाईवुड, पार्टिकल बोर्ड और लो क्वालिटी के सॉफ्टवुड नमी से जल्दी खराब हो सकते हैं। ये लकड़ियां पानी और सीलन जल्दी सोख लेती हैं, जिससे फूलने, ऐंठने और परतें निकलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं सागौन और शीशम जैसी मजबूत लकड़ी मानसून में अपेक्षाकृत ज्यादा टिकाऊ मानी जाती है।

सवाल- मानसून में वार्डरोब और ड्रॉअर की देखभाल कैसे करें?

जवाब- देखभाल का हर स्टेप नीचे पॉइंटर्स में देखें-

  • मानसून में वार्डरोब और ड्रॉअर समय-समय पर कुछ देर के लिए खुला छोड़ दें। इससे नमी अंदर नहीं जमा होगी।
  • कपड़ों और सामान को पूरी तरह सुखाकर ही अंदर रखें।
  • वार्डरोब और ड्रॉअर में सामान ठूंसकर न भरें।
  • सीलन और स्मेल से बचाने के लिए सिलिका जेल, कपूर या नीम की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अगर ड्रॉअर चिपकने लगें, ठीक से बंद न हों या स्मेल आए तो तुरंत सफाई करें। जरूरत हो तो प्रोफेशनल हेल्प लें।

सवाल- वुडेन फर्नीचर का प्रोफेशनल ट्रीटमेंट कराना कब जरूरी है?

जवाब- कुछ स्थितियों में एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए, ताकि नुकसान ज्यादा न हो। जैसेकि-

  • बार-बार फंगस लग रही हो।
  • लकड़ी फूलने या कमजोर होने लगे।
  • दीमक के निशान दिखें।
  • पॉलिश खराब होने लगे।

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