![]()
अम्बिकापुर जनपद पंचायत के CEO राजेश सिंह सेंगर के खिलाफ सरपंच संघ ने मोर्चा खोल दिया है। सरपंच संघ ने सीईओ को तत्काल भारमुक्त करने की मांग को लेकर सरपंच संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। CEO का पहले ही ट्रांसफर हो चुका है। दरअसल, गबन के एक मामले में सीईओ के गलत प्रतिवेदन के आधार पर दूसरे पंचायत के सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद सरपंचों ने सीईओ पर मनमाना व्यवहार व अनुचित दबाव डालने का आरोप लगाया है। सोमवार को सरगुजा जिले के सरपंच कलेक्टोरेट पहुंचे और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपा अंबिकापुर जनपद सीईओ को तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की। ज्ञापन में सीईओ सेंगर के कार्यकाल के दौरान कई ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने अनावश्यक जांच, प्रशासनिक दबाव और कथित अवैध मांगों की शिकायतें की हैं। ज्ञापन में सरपंच संघ के ब्लाक अध्यक्ष रामसाय मिंज के विरुद्ध हुई कार्रवाई की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ट्रांसफर के बाद भी पद पर जमें हैं सीईओ सरपंचों ने कहा कि 30 जून 2026 को सीईओ आर एस सेंगर का स्थानांतरण रामानुजनगर जनपद पंचायत के लिए हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें भारमुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन कराने, शिकायतों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कलेक्टर बोले- जिपं सीईओ करेंगे आरोपों की जांच मामले पर कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि सरपंचों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नियमानुसार जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बेगुनाह सरपंच की गिरफ्तारी से बढ़ा आक्रोश अंबिकापुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत चीताबहार में वर्ष 2020-21 में शौचालय निर्माण में 1 लाख 75 हजार रुपए के गबन के मामले में चिताबहार के बजाय ग्राम पंचायत सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज को दोषी बना दिया गया। यह गडबड़ी जनपद सीईओ द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण हुई। पुलिस ने शुक्रवार सुबह सरईटिकरा के सरपंच को गिरफ्तार कर लिया था। रामसाय मिंज को पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया। जब सरपंच ने दस्तावेज दिखाए तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कांग्रेस पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सीईओ सेंगर ने संशोधित पत्र भेजा, तब रामसाय मिंज रिहा किए गए। नये सीईओ की पदस्थापना नहीं राज्य शासन द्वारा आर एस सेंगर का तबादला रामानुजनगर जनपद के लिए करने के बाद अंबिकापुर के लिए नये सीईओ को पदस्थ नहीं किया गया है। इसका लाभ लेकर आर एस सेंगर यहां से कार्युक्त नहीं हुए। इधर अंबिकापुर कमिश्नर ने 10 जुलाई को आदेश जारी कर कुसमी के सीईओ डा. अभिषेक पाण्डेय (पशु चिकित्सा अधिकारी) को रामानुजनगर का सीईओ बना दिया है। अभिषेक पाण्डेय की पदस्थापना कर दिये जाने के बाद सीईओ सेंगर को अंबिकापुर में जमे रहने का बहाना मिल गया है।
Source link
अंबिकापुर जनपद CEO के खिलाफ सरपंच संघ ने मोर्चा खोला:ट्रांसफर के बाद भी नहीं किए गए कार्यमुक्त, बेगुनाह सरपंच की गिरफ्तारी से भड़के
