![]()
पंजाब का अमृतसर नाम लेते ही गोल्डन टेंपल, अटारी बॉर्डर, कुलचे और भटूरे जेहन में आते हैं। अब इस शहर की पहचान क्रिकेट के बड़े केंद्र के तौर पर भी बनने जा रही है। अमृतसर के भल्ला गांव में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेट स्टेडियम तैयार करने जा रहा है। स्टेडियम के लिए 20 से 22 एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और PCA ने जमीन का कब्जा भी ले लिया है। अब मौके पर शुरुआती काम शुरू होने जा रहा है। सबसे पहले बाउंड्री वॉल और साइट डेवलपमेंट का काम होगा। लक्ष्य के मुताबिक स्टेडियम के 2030 तक तैयार होने की उम्मीद है। ग्राउंड पर फिलहाल खाली और समतल जमीन दिखाई देती है। अजनाला रोड के पास स्थित यह जगह अमृतसर एयरपोर्ट से करीब 10 किलोमीटर दूर है।
जमीन का कब्जा मिलने के बाद अब साइट को स्टेडियम के निर्माण के लिए तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जानकारों के मुताबिक इतने बड़े प्रोजेक्ट में डिजाइन, तकनीकी जांच, मंजूरियों और निर्माण के कई चरण होते हैं।
30-35 हजार दर्शक बैठ सकेंगे, आगे क्षमता बढ़ेगी स्टेडियम में शुरुआती तौर पर करीब 30 से 35 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता रखी जाएगी। भविष्य में इसे 40 हजार से ज्यादा तक बढ़ाया जा सकेगा। यहां VIP बॉक्स, कॉरपोरेट लाउंज और क्लब हाउस के साथ खिलाड़ियों के लिए इंटरनेशनल स्तर के ड्रेसिंग रूम, फिजियो और रिकवरी सुविधाएं होंगी। हाईटेक मीडिया सेंटर, पार्किंग और आधुनिक फ्लडलाइट्स भी तैयार की जाएंगी। बारिश के दौरान मैच प्रभावित न हों, इसके लिए मैदान में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा। मुख्य मैदान के अलावा खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के लिए 10 से 12 प्रैक्टिस पिचें बनाने की योजना है। एयरपोर्ट की नजदीकी को देखते हुए फ्लडलाइट्स की डिजाइन भी विमान संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। ऐसे आगे बढ़ेगा निर्माण कई बड़े प्रोजेक्टों में काम कर चुके जगदीप के मुताबिक जमीन मिलने के बाद सबसे पहले साइट सर्वे, जियोटेक्निकल जांच, मास्टर प्लान, आर्किटेक्चरल डिजाइन और जरूरी अप्रूवल पूरे किए जाते हैं। इसके बाद बाउंड्री वॉल, जमीन की लेवलिंग और साइट डेवलपमेंट होगा। अगले चरण में दर्शक स्टैंड, पवेलियन, ड्रेसिंग रूम, कॉरपोरेट बॉक्स और मीडिया सेंटर का सिविल कंस्ट्रक्शन होगा। इसी दौरान मैदान का ड्रेनेज सिस्टम, आउटफील्ड, सिंचाई व्यवस्था और क्रिकेट पिच तैयार की जाएगी। अंतिम चरण में फ्लडलाइट्स, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, स्कोरबोर्ड, ब्रॉडकास्टिंग, CCTV और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके बाद सभी सुविधाओं की टेस्टिंग और कमिशनिंग होगी। जगदीप के मुताबिक इतने बड़े इंटरनेशनल स्टेडियम में तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के कारण निर्माण में करीब 3 से 4 साल लग सकते हैं। स्टेडियम आएगा तो अमृतसर की इकोनॉमी को भी बूस्ट इस स्टेडियम का असर सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा। बड़े इंटरनेशनल और घरेलू मैचों के दौरान दूसरे शहरों और राज्यों से दर्शक, खिलाड़ी, मीडिया और क्रिकेट से जुड़े लोग अमृतसर पहुंचेंगे। इससे होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबार को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट से करीब 10 किलोमीटर की दूरी होने के कारण बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए यहां पहुंचना भी आसान होगा। गोल्डन टेंपल और अटारी बॉर्डर आने वाले पर्यटकों के साथ क्रिकेट टूरिज्म जुड़ने पर स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। PCA को स्टेडियम से करीब 10 से 15 करोड़ रुपए सालाना राजस्व मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। सिर्फ इंटरनेशनल मैच नहीं, IPL और घरेलू क्रिकेट भी स्टेडियम तैयार होने के बाद यहां वनडे और टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों के अलावा IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट कराने की संभावना होगी। पंजाब के घरेलू मुकाबले भी यहां खेले जा सकेंगे। रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैचों के साथ खिलाड़ियों के प्रैक्टिस कैंप और ट्रेनिंग भी कराई जा सकेगी। भविष्य में महिला क्रिकेट और अन्य बड़े क्रिकेट आयोजनों की मेजबानी भी संभव होगी। गांव वालों को युवाओं के भविष्य की उम्मीद
लोगों के लिए रोजगार के अवसर भल्ला गांव के सरपंच जैमल सिंह शैरी ने कहा कि गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनना पूरे इलाके के लिए खुशी और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भल्ला और आसपास का क्षेत्र पहले विकास के मामले में पिछड़ा हुआ था, लेकिन स्टेडियम बनने से इलाके को नई पहचान मिलने के साथ विकास को भी गति मिलेगी।
युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर खेल सुविधाएं मिलने से उनका रुझान खेलों की ओर बढ़ेगा और वे नशे से दूर रहेंगे। पहले बच्चों को खेलने के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ता था। सरपंच ने बताया कि स्टेडियम में करीब 35 से 40 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता हो सकती है। एयरपोर्ट करीब 8 किलोमीटर दूर है, जबकि हाईवे और अजनाला भी नजदीक हैं। इससे इलाके में लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और रोजगार व कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।
नशे के केस कम होंगे, रोगजार मिलेगा
बल सचन्दर के सरपंच जुगराज सिंह सिद्धू ने कहा कि उनके इलाके में स्टेडियम से रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। आसपास के लोग छोटे-बड़े कारोबार शुरू कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाएं बढ़ने से युवाओं का रुझान खेलों की ओर बढ़ेगा और उन्हें नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी। अपने गांव के खिलाड़ी लवप्रीत सिंह का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही मंच देने की है। गांव के पास इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनने से वह बेहद खुश है।
Source link
