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मोहाली में एक दुकान के अंदर घुसकर मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस दो चोरों को ही नहीं पकड़ पाई। आखिरकार अदालत को उन्हें भगोड़ा घोषित करना पड़ा है। भले ही पुलिस बड़े-बड़े मामले सुलझाने का दावा करती है, लेकिन इस छोटे से मामले में पुलिस की जांच और कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं। क्योंकि बाकायदा पुलिस के अंदर ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए अलग से पीओ सेल होता है, लेकिन 2017 से अब तक वह भी इस मामले में नाकाम रहा है। अदालत की तरफ से भगोड़ा घोषित आरोपियों की पहचान खालिक उर्फ दाना और राकेश उर्फ बोधा के रूप में हुई है। तीसरे ने खुद ही कबूल लिया अपना जुर्म इस मामले में तीसरे आरोपी मुनीर ने खुद ही अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने अदालत में बयान दिया कि उससे गलती हुई है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल चोरी किए थे। वह इसके लिए सजा का हकदार है। अदालत की तरफ से उसको यह भी कहा गया कि जरूरी नहीं है कि अदालत में जुर्म कबूल किया जाए, आप अपना ट्रायल फेस कर सकते हो, लेकिन उसने ट्रायल फेस करने से मना कर दिया। फिल्मी अंदाज में की चोरी यह मामला फरवरी 2017 का है। जब एक मोबाइल की दुकान करने वाला व्यक्ति देर शाम 9:00 बजे अपनी दुकान बंद कर वापस घर चला गया था, तो ये आरोपी उसकी दुकान के पास पहुंचे। किसी को शक न हो, इसके लिए इन्होंने दुकान के ताले भी नहीं तोड़े। सिर्फ एग्जॉस्ट फैन को उखाड़कर वहां से दुकान के अंदर घुसे और कीमती मोबाइल उठा ले गए।
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मोहाली में मोबाइल चोर ही भगोड़ा घोषित:9 साल पुराना है मामला, दो को नहीं पकड़ पाई पुलिस; एक ने खुद कबूला जुर्म
