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प्रतापगढ़ में हत्या, मारपीट और जान से मारने की धमकी के 9 साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कमल पांडेय की अदालत ने मंगलवार को तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों पर 35-35 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की आधी राशि घायल राजाराम और रामदुलारी को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया गया है। मामला मानधाता थाना क्षेत्र के पीपरपुर गांव का है। 29 अप्रैल 2016 को राजाराम का बेटा सुभाष दावत से लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में उसके पट्टीदार संतोष, प्रमोद, मोनू, वीरेंद्र, रीमा और ज्ञानती ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से सुभाष पर हमला कर दिया। उसे बचाने पहुंची उसकी मां रामदुलारी के साथ भी मारपीट की गई। हमले में गंभीर रूप से घायल सुभाष की मौके पर ही मौत हो गई। विवेचना के बाद तीन के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट घटना के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की। विवेचना पूरी होने के बाद वीरेंद्र, सतीश और प्रमोद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी पाया गया। तीनों को उम्रकैद और 35-35 हजार रुपए जुर्माना अदालत ने वीरेंद्र, सतीश और प्रमोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 35-35 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने अर्थदंड की आधी राशि घायल राजाराम और रामदुलारी को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है।
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हत्या के 9 साल पुराने मामले में तीन को उम्रकैद:प्रतापगढ़ में दावत से लौट रहे युवक को लाठी-डंडे और रॉड से पीटकर मार डाला था
