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अभियान बसेरा-2 के तहत वासयोग्य भूमि पाने की उम्मीद में बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवार अब भी हर रोज़ पटना पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से बार-बार स्पष्ट किए जाने के बावजूद लोगों में यह भ्रम बना हुआ है कि आवेदन मुख्यमंत्री सचिवालय में ही जमा करना है। इसी गलतफहमी के चलते कल दिनभर लोग मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचते रहे और रात में भी कई लोग सचिवालय के आसपास डेरा डालने लगे। जबकि जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पात्र परिवारों को आवेदन जमा करने के लिए पटना आने की जरूरत नहीं है। आवेदन उनके अपने पंचायत कार्यालय या अंचल कार्यालय में ही लिया जा रहा है। एससी, एसटी, पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों को मिलेगा लाभ अभियान बसेरा-2 के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अतिपिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए पात्र परिवारों से आवेदन लिए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र वासभूमिहीन परिवार आवास योग्य भूमि के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर ही रखा गया है, ताकि लोगों को जिला या राज्य मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। पंचायत और अंचल कार्यालय में जमा होगा आवेदन जिला प्रशासन के अनुसार, अभियान बसेरा के लिए आवेदन अपने पंचायत कार्यालय अथवा संबंधित अंचल कार्यालय में जमा करना है। आवेदन जमा करने के बाद आवेदक को पावती रसीद भी दी जाएगी। पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर जिले के सभी अंचल और पंचायत कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। यहां लोगों को आवेदन भरने और जमा करने में जरूरी सहायता भी दी जाएगी। प्रशासन ने कहा- पटना आने की जरूरत नहीं प्रशासन ने साफ किया है कि अभियान बसेरा के लिए आवेदन देने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय या राज्य मुख्यालय आने की जरूरत नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए उनके नजदीकी पंचायत और अंचल कार्यालय में ही आवेदन लेने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचने से प्रशासन भी परेशान है। कई लोग रात में भी सचिवालय के आसपास रुकने लगे। ऐसे में प्रशासन लगातार लोगों को समझा रहा है कि आवेदन स्थानीय कार्यालय में ही जमा किया जाना है। आवेदन के साथ देने होंगे ये दस्तावेज अभियान बसेरा के लिए आवेदन करते समय परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और मोबाइल नंबर देना होगा। आवेदक, पति या पत्नी और वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रति भी देनी होगी। इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र की प्रति, राशन कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र या निवास प्रमाण-पत्र में से उपलब्ध दस्तावेज, परिवार की वर्तमान सामूहिक तस्वीर और निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र देना होगा। शपथ-पत्र में यह जानकारी देनी होगी कि परिवार के पास वासयोग्य भूमि नहीं है और पहले किसी सरकारी योजना के तहत वासभूमि नहीं मिली है। अगर कोई परिवार सरकारी जमीन पर पहले से बसा हुआ है तो उसके पास उपलब्ध जमीन से संबंधित मौजा, खाता और खेसरा की जानकारी और पुराने निवास संबंधी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। आवेदन के बाद मिलेगी पावती जिला प्रशासन ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं, अंचलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवेदन लेने की प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित रखी जाए। आवेदन जमा करने के बाद आवेदक को पावती रसीद देना भी जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि इससे लोगों को आवेदन जमा करने का प्रमाण भी मिल सकेगा और उन्हें बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन के संज्ञान में यह भी आया है कि अभियान बसेरा के नाम पर कुछ लोगों को भ्रमित किया जा रहा है और उन्हें पटना आने के लिए कहा जा रहा है। प्रशासन ने ऐसी सूचनाओं को भ्रामक बताया है। जिला प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जो गलत सूचना या अफवाह फैलाकर लोगों को पटना बुला रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अभियान बसेरा-2 के नाम पर पटना पहुंच रहे भूमिहीन परिवार:प्रशासन बोला- मुख्यमंत्री सचिवालय में नहीं, पंचायत-अंचल कार्यालय में जमा करें आवेदन
