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आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद सिंह ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को राइफल के साथ कमरे में बंद कर लिया। शाम 7:00 बजे से लेकर रात 12:00 तक आजमगढ़ के डीआईजी सुनील कुमार सिंह एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और रात 11:30 पहुंचे वाराणसी के ADG नवीन अरोड़ा पुलिस फोर्स के साथ आरोपी को मानते रहे पर आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। रात 12:20 पर ATS टीम को बुलाया गया। अब एनएसजी टीम के हवाले इस ऑपरेशन को कर दिया गया है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के साथ बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकलना हमारी प्राथमिकता है यही कारण है कि ऑपरेशन में समस्या आ रही है। 4 दिन से चल रही थी पूजा
जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अरविंद सिंह के घर में मंगलवार शाम पूजा चल रही थी। घर में 4 पंडित अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब 6 बजे अरविंद बाज़ार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से सवाल किया। पंडितों ने पूजा किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। आधार कार्ड मांगने को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहुत होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकाली और फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता के साथ पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित घायल हो गए। घटना में तीनों की मौत हो गई। एडीजी ने डाला डेरा
आजमगढ़ किस घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाराणसी के ADG नवीन अरोरा स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। ऐसे में देर रात पहुंची ATS टीम आरोपी के साथ बच्चों को सकुशल बाहर निकालने के प्रयास में जुट गई है।
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आजमगढ़ में आधी रात को पहुंची ATS टीम:तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को बनाया बंधक, वाराणसी ADG ने डाला डेरा
