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आज से सावन शुरू, इस बार अनोखी कांवड़:5.5 करोड़ की कार का मॉडल, चलता-फिरता जिम और सोने का शिव बनी आकर्षण




आज से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। इसके साथ ही हरियाणा में कांवड यात्रा के साथ कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला चल पड़ा है। इस बार की कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी है, बल्कि युवाओं की अनूठी और आधुनिक सोच की गवाह भी बन रही है। भोले बाबा के भक्त इस बार बेहद ‘अजीबो-गरीब’ और ‘यूनिक’ थीम पर आधारित कांवड़ लेकर आ रहे हैं, जो रास्ते भर लोगों के लिए कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस यात्रा में केवल लग्जरी ही नहीं, बल्कि ‘हेल्थ कॉन्शियस’ युवाओं का अंदाज भी देखने को मिल रहा है। गुरुग्राम से सटे नजफगढ़ के युवाओं ने अपनी कांवड़ को एक ‘चलते-फिरते जिम’ का रूप दिया है। एक बड़े वाहन पर जिम के उपकरण जैसे डंबल्स, बारबेल्स और पुल-अप बार लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान भजन बजते ही ये युवा व्यायाम करते हैं और फिर कांवड़ लेकर आगे बढ़ते हैं। युवाओं का संदेश है कि शिव भक्ति के साथ-साथ मजबूत और स्वस्थ शरीर भी बेहद जरूरी है। मितू, चिराग, अमित ने बताया कि उनका नजफगढ़ में कर्ल फिट हेल्थ क्लब है और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के मकसद से वे जिम कांवड़ लेकर आ रहे हैं। पूरी कांवड़ के दौरान उनके ग्रुप में शामिल युवा कसरत करते दिखाई देंगे। 5.5 करोड़ की सुपरकार पर विराजे भोलेनाथ कांवड़ यात्रा में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा गुरुग्राम सीमा से सटे दिल्ली के नवादा गांव के युवकों की टोली की हो रही है। यह युवा इस बार किसी पारंपरिक कांवड़ के बजाय 5.5 करोड़ रुपये की एक लग्जरी सुपरकार के हुबहू मॉडल पर शिवजी को विराजमान कर ला रहे हैं। आधुनिकता और अध्यात्म के इस अनोखे मिश्रण को देखने के लिए हाईवे पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। युवाओं का कहना है कि वे बाबा भोलेनाथ को सबसे भव्य और आधुनिक तरीके से अपने गांव ले जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने महीनों की मेहनत से यह अनूठा मॉडल तैयार किया। खरखौदा के युवाओं की ‘गोल्डन कांवड़’ दूसरी ओर, हरियाणा के खरखौदा क्षेत्र के शिव भक्तों की टोली ने अपनी कांवड़ को बेहद शाही रूप दिया है। ये युवा गोल्ड प्लेटेड से सजे शिव स्वरूप के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। इस ‘गोल्डन कांवड़’ की चमक दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रही है। सुरक्षा के लिहाज से इस टोली के साथ विशेष रूप से अन्य ग्रामीण भी मुस्तैद हैं। भक्तों का कहना है कि उनके आराध्य देव ‘स्वर्ण’ से भी अधिक मूल्यवान हैं, इसलिए यह उनकी भक्ति प्रकट करने का एक तरीका है। तिरंगा और मिसाइल कांवड इन अनोखी कांवड़ों के अलावा, इस बार यात्रा में देशभक्ति और सामाजिक संदेशों का भी तड़का लगा है। कई कांवड़िए राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ के साथ बाबा की पालकी लेकर चल रहे हैं। तो मिसाइल कांवड भी युवक लेकर चले हैं।कुछ शिव भक्तों ने पूरी कांवड़ को नोट, रुद्राक्ष और तुलसी के पौधों से सजाया है। तकनीक के दौर में कुछ कांवड़ों पर डिजिटल स्क्रीन और बेहतरीन साउंड सिस्टम भी लगाए गए हैं, जो शिव तांडव स्त्रोत के साथ-साथ लेजर शो का प्रदर्शन कर रहे हैं।



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