Headlines

उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू की छात्रों से अपील:हठधर्मिता छोड़ें, विधानसभा का घेराव न करें, वार्ता से ही समाधान




वार्ता के बाद उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सामने आए। सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि तीन दिन की मैराथन बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की कई मांगें मान ली है। लेकिन जेएसएससी सीजील परीक्षा रद्द करने और सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच को लेकर वार्ता टूट गई। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे हठधर्मिता छोड़ें। विधानसभा का घेराव न करें। वार्ता के जरिए समाधान के रास्ते पर लौटें। सीजीएल के मामले में कोर्ट का आदेश आया तो वे उसे मानेंगे। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को आंदोलन में जाने से रोकें। मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीजीएल के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया, जिसे छात्रों ने अस्वीकार कर दिया। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा और बैकलॉग परीक्षा 2023 व 2025 को रद्द करने करने की मांग पर सहमति बनी है। इसमें हुई अनियमितता की जांच सीआईडी से और लेनदेन मामलों की जांच ईडी से कराने का निर्णय लिया गया है। सीआईडी के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल द्वारा कराई गई परीक्षाओं की जांच और सुधारों से जुड़े अधिकतर मामलों पर सहमति बनी है। उनके साथ मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव भी थे। सीजीएल परीक्षा रद्द क्यों नहीं होगी? इस सवाल पर सुदिव्य ने कहा कि सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों व निगरानी के तहत हुई है। इसके अभ्यर्थी नौकरी कर रहे हैं, इसलिए सरकार इसे सीधे रद्द करने में सक्षम नहीं है। फिर सीबीआई जांच क्यों नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जेपीएससी पीली और दूसरी में हुई अनियमितता की जांच सीबीआई 20 साल में भी पूरी नहीं कर पाई। सीआईडी एडीजी का निर्देश…छात्रों का अहित न हो सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। निर्देश दिया गया है कि छात्रों का अहित न हो। छात्र भी शांतिपूर्ण ढंग से घेराव करें। उन्होंने कहा कि अब तक 19 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। कई डिजिटल एविडेंस मिले हैं। कोई भी इन परीक्षाओं के बारे में सीआईडी को जानकारी दे सकता है। अब 2 चरणों में परीक्षा लेने की व्यवस्था हुई: प्रभारी अध्यक्ष जेएसएससी के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि आगामी परीक्षा में गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब दो चरणों में परीक्षा लेने की व्यवस्था की गई है। प्री-लीम्स में तीन प्रश्न पत्र होंगे। परीक्षा के महज कुछ घंटे पहले ही यह तय होगा कि कौन सा प्रश्न पत्र छात्रों को दिया जाएगा। हमारी कोशिश परीक्षा को साफ-सुथरा रखने की है, ताकि किसी भी स्थिति में कोई गड़बड़ी ना हो।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *