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उज्जैन आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के 200 से ज्यादा आयुर्वेद छात्र-छात्राओं का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्र सोमवार को धरने पर बैठे थे। मंगलवार को उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ अनुष्ठान किया। कॉलेज की दो छात्राओं डॉ. मुस्कान मंदावत और डॉ. अंजलि राठौर ने विरोध में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। यज्ञ में मांगों की आहुति दी विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ का आयोजन किया। छात्र-छात्राओं ने अपनी अलग-अलग मांगें पेज पर लिखीं और यज्ञ में उनकी आहुति दी। उज्जैन के धन्वन्तरी आयुर्वेदिक कॉलेज में चल रहा प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। सोमवार को छात्र-छात्राओं का एक दल भोपाल में उच्च स्तर पर मिलने भी पहुंचा था। आगे बात नहीं बन पाने के कारण मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। स्टाइपेंड में भेदभाव का आरोप छात्रों ने आरोप लगाया कि आयुष को संचालित करने वाली NCISM के Clause 15 B और 15 D में साफ लिखा है कि सभी राज्यों में सभी पैथियों का स्टाइपेंड समान होना चाहिए और मानदेय में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। BAMS इंटर्न को ₹9,383, MBBS को ₹21,500 उज्जैन आयुर्वेद महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का कहना है कि बाकी राज्यों में मध्यप्रदेश से ज्यादा स्टाइपेंड दिया जाता है। मध्यप्रदेश में BAMS इंटर्न को मात्र 9,383 रुपए मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। छात्रों के अनुसार, सभी इंटर्न MBBS इंटर्न की तरह ही समान कार्य और समान ड्यूटी करते हैं। इसके बावजूद स्टाइपेंड में हमेशा से बड़ा भेदभाव किया जा रहा है। कुछ दिन पहले MBBS का स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपए कर दिया गया है। छात्रों की सरकार से मांग है कि उनका स्टाइपेंड भी MBBS के बराबर किया जाए और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उनका कहना है कि उन्हें घोषणाएं नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहिए।
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उज्जैन धन्वंतरि आयुर्वेद कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने प्रदर्शन:छात्रों ने किया सद्बुद्धि यज्ञ, 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठीं दो डॉक्टर छात्राएं; MBBS के समान मानदेय की मांग
