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एआई ट्रेनिंग के लिए 20 लाख किताबें खरीदने की योजना:एंटीक किताबों को स्कैन के बाद नष्ट कर रहीं कंपनियां; वजह- इंटरनेट एआई कंटेंट से भरा




एआई को इंसानों की तरह सोचने और लिखने में सक्षम बनाने के लिए टेक कंपनियां अब दुनिया भर से दुर्लभ, पुरानी और आउट-ऑफ-प्रिंट किताबें बड़े पैमाने पर खरीदी हैं। किताबों की बाइंडिंग काटकर पन्ने हाई-स्पीड स्कैनर में डाले जाते हैं और बाद में मूल कॉपी नष्ट कर दी जाती है। प्रमुख एआई कंपनियों के आंतरिक दस्तावेजों और हालिया जांचों में यह खुलासा हुआ है। इसमें पता चला है कि एआई को सशक्त करने के लिए एंटीक और दुर्लभ किताबों का डेटा फीड किया जा रहा है और फिर मूल प्रतियों को नष्ट कर दिया जाता है। इस गुप्त अभियान को ‘प्रोजेक्ट पनामा’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य लाखों किताबों को स्कैन कर एआई मॉडल विकसित करना है। एंथ्रोपिक के दस्तावेज से पता चलता है कि छह महीने में करीब 20 लाख किताबें खरीदने की योजना थी। ‘404 मीडिया’ ने एयरटैग लगाकर करीब 1,000 दुर्लभ किताबों की खेप ट्रैक की, जो अमेजन के बुक-स्कैनिंग वेयरहाउस ‘वीजीटी3’ पहुंचीं, जहां दिन-रात केवल किताबों को काटने और स्कैन करने का काम चला। इंसानी कंटेंट की भारी किल्लत और एआई का ‘मॉडल कोलैप्स’ खतरा तकनीकी विशेषज्ञों और ‘404 मीडिया’ की खोजी रिपोर्ट के अनुसार, 2022 के बाद से इंटरनेट पर एआई-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ आ गई है। यदि एआई को खुद एआई के लिखे डेटा पर ही प्रशिक्षित किया जाएगा, तो वह गलतियां दोहराने लगेगा और उसकी बुद्धिमत्ता घटने लगेगी। इसे टेक दुनिया में ‘मॉडल कोलैप्स’ कहा जाता है। कानूनी रूप से खरीदी किताब को स्कैन और नष्ट करना वैध कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि एआई कंपनियां डिजिटल पायरेसी मुकदमों से बचने के लिए यह रास्ता अपना रही हैं। अमेरिकी कॉपीराइट एक्ट के तहत ‘फर्स्ट-सेल डॉक्ट्रिन’ किसी भी कानूनी रूप से खरीदी गई वस्तु या पुस्तक के मालिक को उसे नष्ट करने का अधिकार देता है। इसी कानूनी छूट का फायदा उठाकर एआई कंपनियां लेखकों को रॉयल्टी दिए बिना डेटा सेट तैयार कर रही हैं और फिर उसे नष्ट कर रही है। वहीं, किताब प्रेमियों और इतिहासकारों ने इसे ‘सांस्कृतिक संपत्ति का विनाश’ बताया है। बड़ा सवाल: किताबें एआई के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों हैं? ‘नेचर’ की रिपोर्ट के अनुसार, एआई कंपनियां इंटरनेट से उपलब्ध उच्च-गुणवत्ता वाले मानव डेटा को तेजी से खोज रही हैं। इंसान लिखित कंटेंट की कमी होने पर मूल डेटा का महत्व बढ़ जाता है। अगर इंटरनेट पर मानव-लिखित सामग्री लगातार घटती और एआई-लिखित सामग्री बढ़ती गई, तो अगली पीढ़ी के मॉडल के लिए असली मानव डेटा और भी कीमती हो सकता है। शोधों से पहले ही यह सामने आ चुका है कि मूल मानव डेटा तक पहुंच बनाए रखना किसी भी एआई मॉडल की गुणवत्ता के लिए अहम है।



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