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एन. रघुरामन का कॉलम:लंबे जीवन का सीक्रेट किससे जाना जाए?




यह सीक्रेट शायद दुनिया के सबसे उम्रदराज जीव से जान सकते हैं, जो 194 साल का है। आप अचंभित-से मुझसे पूछ रहे होंगे कि ‘क्या?’ ठहरिए। पहले मैं आपको 32 साल पीछे ले चलता हूं। मैंने उसके बारे में तब जाना, जब मैं दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का इंटरव्यू करने के लिए वहां की सरकार का इनवाइटेड गेस्ट था। 1994 में इस जीव की उम्र 162 साल थी मुझे उसके बारे में कैसे पता चला? हम कुछ गेस्ट केपटाउन की मशहूर जगह ‘केप ऑफ गुड होप’ पर खड़े थे। यहां आप एक तरफ अटलांटिक महासागर, तो दूसरी ओर हिंद महासागर को छूकर महसूस कर सकते हैं। तभी हमने सेंट हेलेना जा रहे एक जहाज को देखा। सेंट हेलेना दक्षिण अटलांटिक महासागर में एक सुदूर ज्वालामुखीय द्वीप है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिणी तट से करीब 1950 किमी दूर है। इसी द्वीप पर यह सबसे उम्रदराज जीव 1882 से रह रहा है। उन दिनों वहां पहुंचने का एकमात्र साधन जहाज था, हालांकि आज जोहान्सबर्ग से शनिवार को एक वीकली फ्लाइट भी जाती है। मैं उससे मिलने जाने के लिए उत्सुक था। लेकिन उस इलाके में सख्त ब्रिटिश कॉलोनियल इमीग्रेशन कानून लागू थे, जिनके तहत गैर-कॉमनवेल्थ देशों और भारत समेत कुछ खास ‘वीसा नेशनल’ कॉमनवेल्थ देशों के नागरिकों को वीसा की जरूरत होती है। मेरे पास यह वीसा नहीं था तो मैं उससे मिलने नहीं जा सका। पिछले हफ्ते जब मैंने उसके 194 साल का होने की खबर सुनी तो मुझे उसकी कहानी याद आई। उसका नाम जोनाथन है और उसका जन्म 1832 में सेशेल्स में हुआ था। 1882 में उसे सेंट हेलेना के 33वें गवर्नर सर विलियम ग्रे-विल्सन के गिफ्ट के तौर पर यहां लाया गया। वह अब तक 28 गवर्नर देख चुका है। 2026 में वह 194 वर्ष का हो गया और वह एक विशाल कछुआ है। उसका वजन करीब 180 किलो है। वह अपना बाड़ा खुद से काफी कम उम्र के तीन विशाल कछुओं डेविड (56), एम्मा (56) और फ्रेडरिक (53) के साथ शेयर करता है। मोतियाबिंद के कारण जोनाथन अंधा हो चुका है और सूंघने की क्षमता भी पूरी तरह खो चुका है, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता अब भी अच्छी है। वह अपने पशु चिकित्सक डॉ. जो हॉलिंस की आवाज पर मजबूती से प्रतिक्रिया देता है, जो उसे हाथ से खाना खिलाते हैं। अपनी प्रजाति की सामान्य उम्र से करीब एक सदी ज्यादा जी चुके जोनाथन की असाधारण उम्र ने हाल ही में वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम को उसके डीएनए का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उसके गाल की कोशिकाओं से नमूने लिए गए। ‘साइंस एडवांसेज’ में प्रकाशित अध्ययन में उसके जेनेटिक सीक्रेट का खुलासा किया गया है। जोनाथन में 287 ऐसे खास जीन वेरिएंट्स हैं, जो उम्र के बढ़ने से संबंधित सेलुलर डीग्रेडेशन से सक्रिय रूप से लड़ते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि उसके जीनोम में ऐसे खास और बेहद मजबूत वेरिएंट्स हैं, जो ट्यूमर को दबाने, क्षतिग्रस्त डीएनए को रिपेयर करने और इंसुलिन लेवल को सख्ती से रेगुलेट करने में सक्षम हैं। इसके उलट, इंसानों के सेलुलर रेप्लीकेशन में समय के साथ गंभीर त्रुटियां होने लगती हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि जोनाथन की कोशिकाओं में काफी कम उम्र के जीव की तरह जेनेटिक कंट्रोल बना हुआ है, जो इतनी ज्यादा उम्र में भी उसके शरीर को असाधारण रूप से फिट रखता है। वैज्ञानिक फिलहाल यह समझने के लिए उसके जेनेटिक मैप का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या जोनाथन को युवा बनाए रखने वाले बायोलॉजिकल मैकेनिज्म का इस्तेमाल इंसानों के माइटोकॉन्ड्रियल हेल्थ ट्रीटमेंट और एंटी-एजिंग थेरेपियों के लिए किया जा सकता है या नहीं। उम्र बढ़ना हमारी लगभग हर क्रोनिक बीमारी के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। प्रकृति ने पहले ही उम्र बढ़ने की गुत्थी को बेहद उल्लेखनीय तरीकों से सुलझा दिया है और जोनाथन का जीनोम सेलुलर-रेसिलियंस का ब्लूप्रिंट पेश करता है। उम्र बढ़ने के साथ हमारा डीएनए डैमेज होता जाता है। इसे सही करने के लिए हमारे शरीर में रिपेयर सिस्टम्स हैं, लेकिन वे समय के साथ कम कारगर हो जाते हैं। इसके उलट, जोनाथन अपने जेनेटिक कोड के महत्वपूर्ण हिस्सों को बेहतर बनाए रखने में अनुकूलित हो गया है। रिसर्चर्स ने उसके डीएनए में जीन के ऐसे खास रूप पाए हैं, जो क्षतिग्रस्त डीएनए की मरम्मत से जुड़े हैं। फंडा यह है कि जब तक वैज्ञानिक जोनाथन के जीवन और उसके खानपान की बारीकियों को समझते हैं, तब तक हम इंसानों को लंबा जीने वाले अपने ग्रेट-ग्रैंड पैरेंट्स की लाइफस्टाइल की कुछ बातें सीखकर उन्हें अपनाना चाहिए, ताकि हम भी अपनी कुछ लॉन्जेविटी बढ़ा सकें।



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