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चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सेक्टर-35 निवासी 86 वर्षीय संतोष देवी गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रही हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। वह लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर सामने आई कथित लापरवाही के मामले में पंजाब-चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि करीब तीन साल पहले प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला:- 14 अगस्त को अगली सुनवाई मानवाधिकार आयोग ने मामले में एसएसपी से पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही संबंधित क्षेत्र के डीएसपी को अगली सुनवाई के दौरान पूरे रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने डिप्टी कमिश्नर से भी पूछा है कि सुरक्षा संबंधी आदेशों का पालन क्यों नहीं कराया गया। इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई में प्रशासन की ओर से एक राजपत्रित अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की गई है।
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ऑक्सीजन सपोर्ट पर जी रही बुजुर्ग की सुरक्षा में लापरवाही:मानवाधिकार आयोग सख्त, चंडीगढ़ DC-SSP को नोटिस; 14 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
