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औरंगाबाद में दो दिन में दूसरी दुकान सील:खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग का एक्शन, 51 बोरा एसएसपी-6 बॉक्स नैनो यूरिया जब्त




औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने कार्रवाई और तेज कर दी है। बुधवार को जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज के नेतृत्व में कुटुंबा प्रखंड के महाराजगंज में छापेमारी कर एक उर्वरक दुकान व गोदाम को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 51 बोरा सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) और 6 बॉक्स नैनो यूरिया जब्त किया। जब्त उर्वरकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। छापेमारी के दौरान अंचल अधिकारी चंद्रप्रकाश दंडाधिकारी के रूप में मौजूद रहे। जांच दल में प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक, सहायक कृषि पदाधिकारी मोहन कुमार, कृषि समन्वयक प्रबिंद सिंह, किसान सलाहकार दिलराज अशर्फी और राजस्व कर्मचारी ओमप्रकाश कुमार शामिल थे। लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई डीएओ संदीप राज ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त उर्वरक असली हैं या उनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो गोदाम संचालक सतगावां निवासी घनश्याम प्रसाद के बेटे अभिषेक कुमार सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। स्थानीय स्तर पर एसएसपी सहित अन्य रसायनों की मदद से कथित रूप से नकली डीएपी तैयार किए जाने की चर्चा भी है। हालांकि कृषि विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभाग का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष केवल प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा। दो दिन में दो दुकानें सील, 12 प्रतिष्ठानों की जांच इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी कृषि विभाग ने कुटुंबा प्रखंड में विशेष जांच अभियान चलाकर 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान चिरैयाटांड़ स्थित सरस्वती ट्रेडर्स के गोदाम में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अनाधिकृत भंडारण पाया गया। इसके बाद दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वहीं तीन अन्य उर्वरक विक्रेताओं के यहां रिकॉर्ड संधारण, स्टॉक विवरण और आवश्यक दस्तावेजों में अनियमितताएं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएओ संदीप राज ने कहा कि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के सभी प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा। जहां भी नियमों का उल्लंघन या अवैध भंडारण मिलेगा, वहां उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, बिल देने से इनकार करता है या खाद की कृत्रिम कमी पैदा करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। उन्होंने सभी प्रखंड कृषि अधिकारियों को भी खाद की बिक्री पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।



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