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मेरठ में साइबर अपराधियों ने एक पेपर मिल के प्रबंधक का मोबाइल APK फाइल के जरिए हैक कर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पेपर मिल के निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसी के जरिए प्रबंधक को अलग-अलग खातों में भुगतान करने के निर्देश भेजते रहे। प्रबंधक ने निदेशक का संदेश समझकर चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को मामला तब खुला जब भुगतान का ब्यौरा सुनकर असली निदेशक हैरान रह गए। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी गंगोत्री पेपर मिल हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में संचालित है। मिल का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी, मुजफ्फरनगर शाखा में है, जिसका संचालन प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को आई पहली APK फाइल
पुलिस के अनुसार – 17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मिल के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजते रहे आदेश
साइबर ठगों ने फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को संदेश भेजकर विभिन्न बैंक खातों में भुगतान करने के निर्देश दिए। चूंकि पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश देते रहे थे, इसलिए प्रबंधक को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच उन्होंने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.80 करोड़ रुपये बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। भुगतान की जानकारी देते ही खुला राज
सोमवार को जब निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल पेपर मिल पहुंचे तो संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों का पूरा विवरण दिया। यह सुनकर दोनों अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान निर्देश को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई और बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई। साइबर पोर्टल पर शिकायत, मुकदमा दर्ज
घटना का पता चलते ही प्रबंधन ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मेरठ में प्रज्ज्वल अग्रवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें चिन्हित कर संबंधित खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।
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मेरठ में फर्जी व्हाट्सएप से 1.80 करोड़ की साइबर ठगी:APK फाइल से पहले मोबाइल किया हैक, निदेशक बनकर दिया भुगतान का आदेश, जांच जारी
