Headlines

कनाडा से 4 पंजाबियों का डिपोर्टेशन:रंगदारी और संगठित अपराध में शामिल 4 भारतीय युवाओं को CBSA ने किया भारत डिपोर्ट




कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने संगठित अपराध और रंगदारी से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद पंजाब के 4 भारतीय नागरिकों को देश से डिपोर्ट कर दिया है। सीबीएसए द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, डिपोर्ट किए गए व्यक्तियों की पहचान पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमीतोज बाजवा और साहिबजोत सिंह के रूप में हुई है। इन चारों को ‘इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत गंभीर अपराध और आपराधिक गिरोहों से साठगांठ के आरोप में अयोग्य करार दिया गया था। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ऑफ कनाडा के आदेशों के बाद यह कार्रवाई की गई। रंगदारी मामले में कार्रवाई कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसांगरी ने कहा कि यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से संगठित अपराध को खत्म करने की कनाडा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, सीबीएसए की अध्यक्ष एरिन ओ’गोरमैन ने बताया कि अब तक रंगदारी के मामलों में 100 से अधिक लोगों की बेदखली की जा चुकी है। जानिए अब तक कितनी हुई डिपोर्टेशन कनाडा सराकर द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों के अनुसार 3 सितंबर 2026 तक पूरे कनाडा में विभिन्न अपराधों के आधार पर 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए, जिनमें से 111 लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है। इनमें से पैसिफिक रीजन से 91 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए। जिनमें से 58 लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है। इसी तरह, प्रेरीज़ रीजन से 47 रिमूवल ऑर्डर जारी कर 30 को डिपोर्ट किया गया और ग्रेटर टोरंटो एरिया से 50 रिमूवल ऑर्डर जारी कर 23 लोगों को डिपोर्ट किया गया है। 2025 में 23 हजार से अधिक हुए डिपोर्ट कनाडाई सराकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में सीबीएसए ने कुल 23,160 अयोग्य व्यक्तियों को डिपोर्ट किया था, जिनमें से 1,010 लोग गंभीर अपराधों, राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों, मानवाधिकार उल्लंघनों और संगठित अपराध में शामिल थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में एजेंसी हर सप्ताह औसतन 400 अयोग्य व्यक्तियों को कनाडा से बाहर निकाल रही है। कनाडाई सरकार की सख्ती और बजट प्रावधान कनाडा की ‘बॉर्डर प्लान’ और बजट 2025 के तहत सीबीएसए को प्रतिवर्ष 20,000 डिपोर्टेशन पूरे करने की क्षमता बढ़ाने के लिए 30.4 मिलियन (डॉलर) आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1,000 नए अधिकारियों की भर्ती की जा रही है। वर्तमान में लगभग 530 अधिकारी विशेष रूप से इमिग्रेशन जांच, हिरासत और डिपोर्टेशन की प्रक्रियाओं में तैनात हैं। भारतीय छात्रों को बनाया जा रहा फुट सोल्जर कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी (फिनटेक) ने हाल ही में एक विशेष बुलेटिन जारी कर चेतावनी दी थी कि आपराधिक गैंग कनाडा में स्टडी परमिट पर आए वित्तीय रूप से कमजोर, युवा भारतीय छात्रों का इस्तेमाल फुट-सोल्जर्स के रूप में कर रहे हैं। ये गिरोह इन युवाओं के जरिए दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर रंगदारी और हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिलवा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई छोटे और नकलची आपराधिक समूह भी बड़े गैंग्स के नाम का खौफ दिखाकर जबरन वसूली कर रहे हैं। कैलगरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई हाल ही में कैलगरी पुलिस सर्विस ने दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही रंगदारी की जांच के सिलसिले में 15 आरोपियों की तस्वीरें जारी की हैं। मामले में 16 लोगों के खिलाफ कुल 56 धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से केवल एक आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है, जबकि बाकी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *