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चंडीगढ़ चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड में आरोपी की जमानत खारिज:कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का एंगल आया सामने, मोबाइल ऐप से हुई गैंगस्टर लक्की पटियाल से बात




चंडीगढ़ चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड में आरोपी प्रीतम को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की एडवोकेट दीपा दुबे ने जमानत अर्जी का विरोध किया। शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत में दलील दी कि वारदात के समय प्रीतम बाइक चला रहा था। इसी पर बैठकर शूटर ने चिन्नी पर गोलियां चलाई थीं और वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। प्रीतम की भूमिका केवल मौके पर मौजूद रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह शूटर को बाइक पर बैठाकर घटनास्थल से भगाने में भी शामिल था। प्रीतम के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज
जमानत का विरोध करते हुए अदालत को यह भी बताया गया कि प्रीतम के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। पुलिस जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया… हर्षप्रीत पर बिचौलिया बनने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम कड़ी मिली। पुलिस ने 29 अप्रैल को सेक्टर-26 स्थित सत्संग भवन के पास से हर्षप्रीत सिंह बैंस को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, हर्षप्रीत ने अमरीन कौर और गैंगस्टर लक्की पटियाल के बीच बातचीत कराने में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। बरामद पिस्टल अमरीन कौर के नाम पर पंजीकृत
हर्षप्रीत ने अमरीन कौर के फोन से लक्की पटियाल से बातचीत कराई थी। इसके बदले उसे एक लाख रुपए मिले थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से विदेशी .45 बोर की पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि बरामद पिस्टल अमरीन कौर के नाम पर पंजीकृत थी। हर्षप्रीत सिंह की जमानत अर्जी पहले ही खारिज
चिन्नी हत्याकांड में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाने के आरोपी हर्षप्रीत सिंह की जमानत अर्जी भी अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। अब आरोपी प्रीतम की नियमित जमानत अर्जी भी खारिज होने के बाद उसे फिलहाल जेल में ही रहना होगा।



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