कपूरथला में खुद को मृत बताकर अदालत को गुमराह:कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज, चेक बाउंस के मामले में जारी हुआ था सम्मन




पंजाब के फगवाड़ा में आरोपी द्वारा खुद को मृत बताकर अदालत को गुमराह करने और गिरफ्तारी से बचने का एक सनसनीखेज प्रयास सामने आया है। आरोपी ने न केवल खुद को मरा हुआ बताया, बल्कि सम्मन तामील कराने पहुंचे कोर्ट कर्मचारी के सामने अपने भाई का नाम बताकर फर्जी हस्ताक्षर भी कर दिए। मामला उजागर होने पर न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के आदेश पर आरोपी के खिलाफ थाना सिटी फगवाड़ा में धोखाधड़ी का मामला (FIR) दर्ज किया गया है। फगवाड़ा डिवीजन की जेएमआईसी अदालत के रीडर दिनेश कुमार द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, अदालत में चेक बाउंस (धारा 138) के तहत एक मामला विचाराधीन है। इस मामले में आरोपी गुरप्रीत सिंह (पुत्र बलदेव सिंह, निवासी गोकुल नगर, होशियारपुर) के खिलाफ कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इन वारंटों की तामील कराने के लिए अदालत का एक विशेष कर्मचारी आरोपी के दिए गए पते पर पहुंचा था। कैसे रची खुद को मृत बताने की साजिश? जब कोर्ट कर्मचारी आरोपी के घर पहुंचा, तो वहां मौजूद असली आरोपी गुरप्रीत सिंह ने खुद को बचाने के लिए एक शातिराना चाल चली। उसने कर्मचारी से कहा कि ‘गुरप्रीत सिंह’ की मृत्यु हो चुकी है और खुद की पहचान अपने भाई मनजिंदर सिंह के रूप में बताई। उसने अदालत के आधिकारिक दस्तावेजों पर भी अपने भाई ‘मनजिंदर सिंह’ के नाम से हस्ताक्षर कर दिए ताकि यह साबित हो सके कि वारंट की सूचना उसके भाई को मिल गई है। ऐसे खुली पोल आरोपी की किस्मत ने तब साथ छोड़ दिया जब कोर्ट कर्मचारी ने गुरप्रीत सिंह की मृत्यु से संबंधित डैथ सर्टिफिकेट या कोई अन्य कानूनी दस्तावेज दिखाने की मांग की। आरोपी मौके पर ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। मामला संदिग्ध लगने पर कर्मचारी ने तुरंत इसकी लिखित रिपोर्ट अदालत को सौंप दी। अदालत सख्त, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा प्राथमिक जांच में जब यह साफ हो गया कि आरोपी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की है, तो जेएमआईसी जसविंदर सिंह ने इसे न्याय प्रणाली पर सीधा हमला मानते हुए बेहद गंभीरता से लिया और आरोपी के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए। अदालत के सख्त आदेश के बाद थाना सिटी फगवाड़ा पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।मामले की पुष्टि करते हुए जांच अधिकारी ASI जतिंदरपाल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की इस धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत पुलिस के पास हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



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